वज्रासन करने का सही तरीका – लाभ और सावधानियां

वज्रासन करने का सही तरीका – लाभ और सावधानियां
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Vajrasana दो शब्द से बना है वज्र +आसन। वज्र का अर्थ होता है कठोर और आसन का अर्थ होता है बैठना या ग्रहण करना।

वज्रासन को अंग्रेजी भाषा में डायमंड पॉज के नाम से जाना जाता है।

वज्रासन एक ऐसा आसन है जो किसी भी वक्त, किसी भी जगह और खाना खाने के बाद भी किया जा सकता है। इसे हर उम्र के व्यक्ति चाहे वो बड़ा हो या छोटा कर सकते है। 

वज्रासन कितनी देर करना चाहिए? (How long should one do Vajrasana)

वज्रासन एक ऐसा आसन है जो कभी भी और किसी भी वक्त किया जा सकता है। लेकिन गौर करने की बात है कि हमें यह कितनी देर और कब तक करना चाहिए।

शुरुआती दिनों में यानी जिन्ह लोगो ने अभी वज्रासन शुरू किया है वह हर रोज इसे 3 से 5 मिनट तक कर सकते हैं।

और वे लोग जिन्हे यह आसन करते हुए काफी समय हो चुका है तो वह इस आसन को 10 से 12 मिनट तक कर सकते हैं। 

वज्रासन करने के फायदे (Benefits of performing Vajrasana Pose)

  • मोटापा और वजन कम करता है (Reduces obesity and weight)
  • पेट से संबंधित बीमारियों को दूर करता है (Removed stomach related diseases)
  • ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करता है (Improves blood circulation)
  • उच्च रक्तचाप की समस्या को दूर करता है (Relieves the problem of high blood pressure)
  • एकाग्रता को बढ़ाता है (Increases concentration)
  • रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है (Makes the spine strong)

मोटापा और वजन कम करता है (Reduces obesity and weight)

वज्रासन करने से शरीर में मोटापा और वजन कम होता है यह हमारे शरीर से फैट की मात्रा को हटा देता है। यह आसन करने से जांघों को सुडोल आकर मिलता है और पेट की चर्बी को कम कर देता है। 

पेट से संबंधित बीमारियों को दूर करता है (Removed stomach related diseases)

वज्रासन के द्वारा पेट से संबंधित बीमारिया दूर होती है। यह आसन करने से  पेट और आंतों पर हल्का सा दबाव पड़ता है, जोकि पेट से संबंधित सभी रोगों से मुक्त करता है। 

ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करता है (Improves blood circulation)

वज्रासन करने से शरीर मेँ रक्त प्रवाह (blood flow) अच्छे से होता है।  शरीर के सभी अंग अच्छे से कार्य करते है। 

उच्च रक्तचाप की समस्या को दूर करता है (Relieves the problem of high blood pressure)

वज्रासन करने से हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) की समस्या दूर होती है। 

एकाग्रता को बढ़ाता है (Increases concentration)

वज्रासन एकाग्रता (Concentration) को बढ़ाने में काफी मदद करता है।  इससे मानसिक संतुलन ठीक रहता है और शरीर का तनाव कम होता है। 

रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है (Makes the spine strong)

वज्रासन करने से आप की रीड की हड्डी (Spinal Cord) मजबूत रहती है इस आसन को करते समय आप सीधे रहते है और सामने की तरफ देखते हैं जिससे कि यह  रीड की हड्डी को  मजबूत बनाता है।

यदि आपके लोअर बैक में पैन रहता है तो आप जरूर वज्रासन करे।

वज्रासन करने का सही तरीका (Right way to do vajrasana Pose)

Vajrasana karne ki shi vidhi

योग में एक मात्र आसन ऐसा है जो भोजन के तुरंत बाद किया जा सकता है। इस आसन का नाम वज्रासन है। वज्रासन पाचनशक्ति (Digestive System) को बढ़ाने के लिए एक उत्तम साधन है। 

जिस किसी को भी यह आसन करने का सही तरीका नहीं पता है तो वे चिंता न करे, बस केवल निचे दिए हुए स्टेप्स को फॉलो करके सिख ले। 

  • वज्रासन को करने के लिए सबसे पहले  किसी खुले वातावरण में आसन (मेट) बिछाकर सामान्य मुद्रा में बैठ जाएँ। आप इसे घर की छत्त पर भी कर सकते है।   
  • अब पैरो को मोड़कर अपने तसरीफ (कूल्हे) के निचे रखे, जैसा की ऊपर इमेज में दिखाया गया है। ध्यान रखें की आपकी बॉडी बिलकुल स्थिर रहे। 
  • दोनों पैरो की ऐडियों (Ankles) को इस प्रकार रखें की आपके कूल्हे उनपर अच्छे से रखें जाएँ। ध्यान रहे की आप के दोनों पैरो की उंगलियां आपस में हल्की सी मिली हो। 

  • अब अपनें दोनों हाथों को पैरो पर रखें। ध्यान रखें की आपकी हथेली नीचे की तरफ रहे जैसा की इमेज में दर्शाया गया है।

  • एक स्थिर मुद्रा में बैठने की कोशिश करे , बिल्कुल न हिलें। पीठ को बिलकुल सीधा रखें। 

  • गहरी सांस लेकर उसे नाक के छिद्रो में से निकाले।  जब तक सम्भव हो इसी अवस्था में बैठने की कोशिश करे। 

  • शुरुवात के समय इस अवस्था में बैठने में थोड़ी-सी दिक्क्त जरूर होती है लेकिन आप हार ना माने।  इसे शुरू में 3 से 5 मिनट तक करने का अभ्यास करे।

अगर आप वज्रासन को वीडियो के द्वारा सीखना चाहते है तो इसे निचे दिए हुए वीडियो से सिख सकते है। इस वीडियो में बाबा रामदेव द्वारा वज्रासन को सिखाया गया है। 

वज्रासन करते समय बरतें सावधानी (Take care while doing Vajrasana)

देखा जाए तो वज्रासन कोई भी और कभी भी कर सकता है। लेकिन फिर भी इस आसन को करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत ही जरूरी है। 

  • Vajrasana करते समय किसी भी अंग में कठिनाइयां एवं दर्द महसूस होने पर इसे  छोड़ दे।
  • टखनें, घुटनें, या एड़ियों में किसी भी तरह का ऑपरेशन कराया गया है तो इस आसन को बिलकुल भी न करे। 

  • वज्रासन करते समय पीठ दर्द, गर्दन में दर्द टखनें या घुटनो में दर्द होने पर इस आसन को छोड़ दे और किसी योग चिकित्सक की देख रेख में इस आसन को करे। 

  • गर्भवती महिलाओं को यह आसन बिलकुल भी नहीं करना चाहिए। योगासन में कुछ आसन ऐसे है जिन्हे गर्भवती महिलाएं कर सकती है। 

निष्कर्ष (Conclusion)

योगासन शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। योग को आप सुबह उठने के बाद जरूर करे। 

अगर आप घर पर इस आसन को करना चाहते है तो आप बिलकुल ही इसे कर सकते है साथ ही हमारे दिए हुए बातो को दिन में रखकर ही इस आसन को करे। 

आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा तो COMMENT या Share करके हमे जरूर बताए।


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