त्राटक क्रिया करने की विधि, लाभ और सावधानियां – tratak kriya yoga benefits in Hindi

tratak kriya in hindi

tratak kriya in hindi:- त्राटक क्रिया ध्यान अंग की एक क्रिया है, दरसल यह क्रिया योग के 8 अंगो में से एक ध्यान अंग की क्रिया है। इस क्रिया में किसी एक वस्तु की तरफ एकटक देखकर, उस वस्तु पर अपना ध्यान केंद्रित करना होता है।

कहा जाता है कि योग में त्राटक का अपना ही महत्व है। इस क्रिया में पलक ना झपकाये एक ही वस्तु पर ध्यान केंद्रित करके, आँखों की रोशनी में सुधार लाया जा सकता है और मन का हल्कापन दूर होता है।

trataka kriya योग की सबसे शक्तिशाली, कठिन और सबसे प्रभावशाली विधियों में से एक है। ध्यान की सैकड़ों विधियां है, पर जो महत्व त्राटक क्रिया का है वह ओर किसी का नहीं है।

यदि आपको लगता है कि यह क्रिया कठिन और बेबुनियाद है तो ऐसा नहीं है, अगर आप हमारे लिखे हुए इस लेख trataka yoga kriya in hindi को पढ़ेंगे तो आपकी सारी शंका दूर हो जाएगी।

इस लेख में हमने बिलकुल सरल और आसान भाषा में त्राटक क्रिया कैसे की जाती है? त्राटक कितने प्रकार के होते हैं? त्राटक के फायदे और नुकसान और त्राटक की पूरी विधि pdf के साथ बताई है तो अंत तक हमारे लेख को पूरा पढ़ें।

तो आइये जानते है त्राटक क्रिया क्या है –  tratak kriya kya hai

त्राटक क्रिया किसे कहते है – tratak kriya kise kahate hain

योग के आठ अंगो में से एक ध्यान की क्रिया को त्राटक क्रिया कहते है। इस क्रिया में किसी एक वस्तु पर ध्यान केंद्रित (Focus) करके एकाग्रता क्षमता को विकसित किया जाता है। त्राटक से सम्मोहन शक्ति का भी जागरण होता है।

अक्सर लोग पूछते है कि त्राटक का मतलब क्या होता है? और त्राटक विधि किसे कहते है?

प्रसिद्ध योग शास्त्री Maharishi Mahesh Yogi के अनुसार किसी वस्तु को बिना पलक झपकाए, तब तक देखना, जब तक कि आंखों से पानी न निकल जाए, “त्राटक विधि” कहलाती है। इस योगाभ्यास से कुण्डलिनी भी जागृत होती है।

ज्यादातर लोग दीपक की रोशनी को सामने रखकर ही इस क्रिया को करते हैं। लेकिन यह आवश्यक नहीं है कि यह क्रिया केवल दीपक की रोशनी में ही की जाएँ, बल्कि आप इसका अभ्यास किसी भी वस्तु या बिंदु से और कहीं भी किसी चीज पर फोकस करके कर सकते हैं।

कुछ लोग तो इसका अभ्यास उगते हुए सूरज या रात्रि की चांदनी पर ध्यान केंद्रित करके करते है।

त्राटक कितने प्रकार के होते हैं? – How many types are tratak Kriya

त्राटक साधना तीन प्रकार के होते है :-

  • Inner Tratak

  • Middle tratak

  • Outer Tratak

Inner Tratak

इस क्रिया में अपनी आंखों को बंद करके दोनों आँखों के बीच के हिस्से पर फोकस करना होता है इस हिस्से को तीसरी आँख कहते है उसी को ही Inner Tratak कहा जाता है।

त्राटक साधना कैसे करें?

इस क्रिया में, सीधा बैठें और अपनी तीसरी आंख (दोनों आंखों का बीच का हिस्सा) पर ध्यान केंद्रित करें। यह आपको तीसरी आंख में थोड़ा दर्द देगा, जो धीरे-धीरे समय के साथ गायब हो जाएगा।

इसी क्रिया को ही tratak kriya for eyes कहते है।

Middle tratak

यह क्रिया आँखों को थोड़ा सा खोलके और थोड़ा सा बंद करके की जाती है। यानि इस प्रकार की क्रिया में अपनी आँखों को न ज्यादा बंद करे और न ज्यादा खोले, अपनी आँखों को बीच की स्थिति में खोलकर, दीपक की रौशनी (Candle lamp light) को देखना होता है।

इसी क्रिया को Middle tratak क्रिया कहते है।

त्राटक साधना कैसे करें?

इस क्रिया में, सीधा बैठें और 1 meter की दुरी पर अपनी गर्दन के सामने दीपक की रौशनी रखें, और उसे कुछ देर के लिए देखें।

इस क्रिया के शुरुआती समय में आँखों में जलन अनुभव हो सकती है, लेकिन नियमित अभ्यास से आँखों में जलन कम हो जाती है।

अगर शुरुआती समय में आपकी आँखों में जलन महसूस हो तो इसे थोड़े समय के लिए न करे, फिर जलन घटने के बाद इसे दोबारा शुरू कर दें।

इस क्रिया से रोशनी बढती है और स्मरण शक्ति में भी वृद्धि होती है।

Outer Tratak

यह क्रिया उगते हुए सूरज, चंद्रमा, तारे- सितार या किसी बिंदु पर फोकस करके की जाती है। इस क्रिया को Outer Tratak क्रिया कहते है।

त्राटक साधना कैसे करें?

 इस क्रिया में, सीधा बैठें और सूर्य, चंद्रमा या तारे को एकटक देखते रहें।

त्राटक क्रिया कैसे करें  – Steps to do Tratak Kriya in Hindi

देखें, यह क्रिया करना थोड़ा-सा मुश्किल है। लेकिन इसके निरंतर और नियमित अभ्यास से आप इसे करना सिख सकतें है। शुरुवाती दिनों में इसे करने में समस्याएं आ सकती है, परन्तु जैसे-जैसी आप इसे करते जायेंगे वैसे-वैसे आप इसमें महारत हासिल कर लेंगे।

तो दोस्तों बिना समय बर्बाद किये, आइये जानते है त्राटक क्रिया कैसे की जाती है? – Tratak Kriya karne ki vidhi   

  • यह क्रिया करने के लिए सबसे पहले किसी शांत मुद्रा में बैठ जाएँ, आप चाहे तो पद्मासना या सुखासन की स्थिति में बैठ सकतें है।
  • अब अपने सामने किसी ऐसी वस्तु को रखें, जिस पर आप ध्यान केंद्रित करना चाहते है।

  • ज्यादातर लोग मोमबत्ती की रोशनी को देखकर ही इस क्रिया को करते है।

  • अगर आप मोमबत्ती की रोशनी में नहीं करना चाहते तो आप सफेद चार्ट पर बिंदु बनाकर उसे देख सकतें है।

  • ध्यान रखें की जिस भी वस्तु पर ध्यान केंद्रित करना चाहते है वह आपसे लगभग 1 मीटर की दुरी पर हो।

  • अब बिना पलक झपकाए उस बिंदु की ओर देखें, अगर आपके सामने दीपक या मोमबत्ती है तो उसकी रोशनी पर नजर टिकाएं रखें।

  • जब तक आपकी आंखों में पानी न आ जाए तब तक आपको उस रोशनी पर फोकस करना है।

  • शुरुआती समय में आंखो में जलन आम बात है, क्योंकि आपको आंखे ज्यादा देर तक खोलने की आदत नहीं है। यदि जलन ज्यादा महसूस हो तो आंखे बंद कर लीजिए।

  • अपनी आँखें बंद करने के बाद तुरंत न खोलें, इसे थोड़ी देर के लिए बंद रखें ताकि आँखों को आराम मिल सके। जब आंखें बंद हों तो उन्हें खुजलाना नहीं चाहिए, केवल बंद करनी चाहिए। कुछ देर बाद जब आँखों को आराम मिल जाएँ,फिर पहले जैसा त्राटक कीजिए।

और पढ़ें :- कुक्कुटासन योग करने की विधि, लाभ और सावधानियां

त्राटक क्रिया करते समय ध्यान रखने वाली बातें :-

  • जब आप यह अभ्यास करेंगे तो आपका मन आपको विचलित करने की कोशिश करेगा, आपको ज्योति के चारों ओर रोशनी या अलग-अलग रोशनी दिखाई देगी।

  • लेकिन आपको अपना फोकस सिर्फ उसी ही ज्योति पर रखना है जिस पर आप पहले से ही ध्यान लगा रहे हैं।

  • इसका लगातार अभ्यास करने के बाद जब आपको केवल एक ही प्रकाश या बिंदु दिखाई देने लगे, तो समझ लें कि आपका त्राटक सिद्ध हो गया है।

तो दोस्तों अब जानते है की अलग- अलग वस्तु पर त्राटक क्रिया कैसे करें – tratak kriya for eyes in hindi

त्राटक क्रिया कैसे की जाती है? – tratak kriya hindi language

  • बिंदु त्राटक क्रिया
  • दीपक त्राटक क्रिया
  • सूर्य त्राटक क्रिया

बिंदु त्राटक क्रिया (Dot Trataka Kriya in Hindi)

Dot Trataka Kriya In Hindi
Dot Trataka Kriya In Hindi

अब सामने की दीवार पर एक चार्ट लगाएं, चार्ट का रंग सफेद हो, चार्ट के बीच में एक नीला या कला बिंदु बनाएं। जिस स्थान पर बिंदु बना हो वह स्थान आपकी आँखों के बिलकुल सामने हो।

चार्ट पर बने बिंदु को देखते समय आँखों को न ज्यादा खोले और न ज्यादा बंद करे।

आंखों की रोशनी चार्ट पर बिल्कुल सीधी होनी चाहिए। जिस भी जगह आप त्राटक कर रहे हो वहां की रोशनी न तेज रहे और न रोशनी इतनी कम रहे कि आंखो पर जोर पडे।

अब शांति से बैठकर चार्ट पर बने बिंदु को देखते रहें और ध्यान रखें कि वह बिंदु आपसे एक मीटर की दूरी पर हो।

ध्यान रखें की पलक को न झपकाएं, पीठ और गर्दन को बिलकुल सीधा रखें।

दीपक त्राटक क्रिया (Candle tratak in Hindi)

Candle Tratak In Hindi
Candle Tratak In Hindi

अब सामने एक दीपक जलाएं, दीपक को सिर्फ और सिर्फ घी से जलाएं। दीपक को घी से जलाने से कार्बन-डाइऑक्साइड नहीं निकलेगी।

यदि कार्बन-डाइऑक्साइड निकलेगी तो यह साधक को हानि पहुंचा सकती है। यह साधक को श्वास तथा आँखों के जरिये नुकसान पहूंचा सकती है। इसीलिए दीपक को हमेशा घी से जलाएं।

जब आप दीपक को एकटक देखेंगे तो कमरें में पूरी तरह से अँधेरा करे, साथ ही पंखा भी बंद करे और बाहरी हवा को अंदर न आने दें।

ध्यान रखें की दीपक की लौ स्थिर रहें, जिस प्रकार पहले बिंदू पर त्राटक किया था, ठीक उसी प्रकार दीपक की लौ पर ध्यान केंद्रित करें।

आपकी और दीपक की दुरी एक मीटर की हो, जब आप यह क्रिया करेंगे तो शुरुआती 15-20 मिनट में आंखो में जलन या दर्द होना आम बात है। अगर जलन ज्यादा हो तो आँखें बंद करे,  फिर कुछ समय बाद आँखें खोलकर ध्यान केंद्रित करे।

इस अभ्यास को लगभग 30-40 मिनट करे, 50-60 मिनट करना तो साधक के लिए बहुत भी फयदेमंद साबित होगा।

सूर्य त्राटक क्रिया (Sun Tratak in Hindi)

Sun Tratak In Hindi
Sun Tratak In Hindi

tratak kriya में सूर्य त्राटक का अपना महत्व है। शुरुआती दिनों में किसी भी साधक को सीधे सूर्य त्राटक नहीं करना चाहिए। क्योंकि धूप बहुत तेज होती है, जिससे आपकी आँखें खराब होने की संभावना बढ़ जाती है।

अगर आप सूर्य त्राटक करने से पहले बिंदु या दीपक की रोशनी में ध्यान केंद्रित करके फिर सूर्य त्राटक पर आएंगे तो यह आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा।

क्योंकि शुरुआत में बिंदु या दीपक की रोशनी के अभ्यास से यह आपकी आंखों को मजबूत और मैत्रीपूर्ण बनाता है, जिससे सूर्य की किरणे हानी नहीं पहुंचा सकती है। सबसे पहले आप सूर्यास्त के समय त्राटक का अभ्यास करें। शुरुआत में आधा घंटा रुक-रुक कर अभ्यास करें, जिससे की आंखों पर गलत प्रभाव नहीं पड़ेगा, फिर जैसे-जैसे आप इसे करते जाएँ, फिर वैसे-वैसे अपनी क्षमता के अनुसार अपनी समय गति बढ़ाएं।

त्राटक के फायदे – tratak kriya benefits in hindi

त्राटक क्रिया के लाभ बहुत सारे है। इसके फायदों को देखकर की हमने यह त्राटक क्रिया बेनिफिट्स इन हिंदी का लेख लिखा है। यह क्रिया एकाग्रता शक्ति को विकसित करने, संवेदना शक्ति को जगाने और आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए सबसे प्रभावी उपचार है।

ऐसे ही बहुत सारे फायदों को हमने नीचे विस्तार से बताया है उन्हें पढ़ना न भूले।

तो आइये जानते है त्राटक क्रिया के स्वास्थ्य लाभ – tratak kriya ke fayde in hindi

  • यह क्रिया आँखों से संबंधी क्रिया है, इसीलिए यह आंखों की रोशनी बढ़ाने के साथ-साथ आँखों की सभी समस्याओं को दूर करता है।

  • यह क्रिया तीसरी आँख (tratak kriya for eyes) पर प्रभाव डालती है परिणामस्वरूप त्राटक क्रिया आज्ञा चक्र सक्रिय करने में सहायक होती है।
  • यह क्रिया एकाग्रता बढ़ाने का सबसे सरल उपाय है।

  • यह क्रिया मस्तिष्क की सभी निष्क्रिय नसों को प्रभावित कर उन्हें सक्रिय करने में मदद करती है। जिसकी वजह से साधक की एकाग्रता क्षमता में बढ़ोतरी होती है।

  • यह क्रिया लक्ष्य (aim) पूर्ति के लिए सबसे सक्षम क्रिया है। दरअसल यह मस्तिष्क को एकाग्र कर लक्ष्य प्राप्ति को बढ़ावा देता है।
  • इस क्रिया का प्रभाव मस्तिष्क और आंखों पर सबसे ज्यादा है, यही कारण है कि यह सकारात्मक ऊर्जा के संदर्भ को ध्यान में रखता है और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है।

  • यह क्रिया तनाव में कमी कर दिमाग को शांत करने में मदद करता है। वास्तव में यह मस्तिष्क में अल्फा तरंगों का प्रवाह शुरू करता है जिसके कारण दिमाग शांत हो जाता है और तनाव से मुक्ति मिल जाती है।

  • यह क्रिया मस्तिष्क से संबंधी सभी बीमारियां जैसे – सिरदर्द, माइग्रेन, तनाव, चिंता आदि में कमी करता है।

त्राटक क्रिया के अन्य लाभ – tratak kriya ke labh in hindi

  • यह क्रिया नेत्र रोगो से बचाता है। 

  • यह आलस्य, तनाव, चिंता में कमी लाता है।

  • यह क्रिया आँखों को दूरदर्शी बनाता है।

  • इस क्रिया को करने से धारणा शक्ति का विकास होकर एकाग्रता क्षमता (Concentration power) में बढ़ोतरी होती है।

त्राटक क्रिया के लिए बरतें ये सावधानियां – Precautions for Trataka Kriya in Hindi

  • इस क्रिया का अभ्यास करने के लिए लिए सबसे पहले किसी योग विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलहा अवश्य लें।

  • इस क्रिया को अँधेरे में तथा एकांत में करें।

  • जिन लोगों को आंखों की कोई गंभीर बीमारी है, कृपया इसे शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

  • इस क्रिया का अभ्यास करने के लिए कभी भी मोमबत्ती में मिट्टी के तेल का उपयोग न करें।

  • ध्यान केंद्रित करने के लिए कभी भी लाइट का प्रयोग न करे।
  • इस केवल मोमबत्ती, दीपक और किसी बिंदु पर ही ध्यान केंद्रित करें।

  • इसके अभ्यास के लिए ब्रम्हमुहूर्त या मध्यरात्रि का समय अधिक फलदायी रहता है।

निष्कर्ष – Conclusion

तो दोस्तों, में उम्मीद करता हूँ कि हमारा यह  tratak kriya in yoga hindi का लेख आपके लिए लाभकारी साबित होगा। अगर आपके मन में tratak kriya in hindi से संबंधित कोई सवाल या सुझाव है तो हमे कमेंट के जरिये जरूर बताएं।

अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया तो कृपया इसे अपने सगे-सबंधी के साथ शेयर करें और आपके परिवार में कोई tratak kriya in hindi pdf की तलाश में है तो हमने नीचे pdf भी दी हुई है , आप जाकर डाउनलोड भी कर सकतें है।

और पढ़ें :- योग और प्राणायाम

त्राटक की पूरी विधि pdf – tratak kriya in hindi pdf

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