डेंगू बुखार के लक्षण, घरेलू उपचार और बचाव के उपाय – symptoms of dengue in hindi (डेंगू बुखार)

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symptoms of dengue in hindi

Symptoms of dengue in hindi :- इन दिनों मौसम बदलने के साथ-साथ बीमारियां भी बदल रही हैं, जिसका मतलब है कि बीमारियां ओर भी गंभीर और जानलेवा होती जा रही हैं।

 बीमारियों के फैलने के कई कारण होते हैं, जैसे हवा में, पानी में, हमारे द्वारा खाए जाने वाले भोजन में प्रदूषण के कारण, इनके कारण पनपने वाले बैक्टीरिया बीमारियों का कारण बनते हैं।

एक ऐसे ही पनपने वाले बैक्टीरिया और वायरल इंफेक्शन की बात करने जा रहे है जो न सिर्फ भारत के लोगो को प्रभावित करता है बल्कि अन्य देश के लोगो को भी अपनी चपेट में लेता है।

इस वायरल इंफेक्शन का नाम है डेंगू। यह मच्छर जनित वायरल इंफेक्शन है जो मछरो के काटने से फैलता है। जानकारों के मुताबिक डेंगू का मच्छर आम मच्छर की प्रजाति नहीं है, यह एक खास किस्म का जहरीला मच्छर है, जिसके काटने से 3-5 दिनों के अंदर पूरे शरीर में वायरस फैल जाता है।

इस प्रकार का बुखार होने पर कई तरह के लक्षण (dengue ke lakshan) दिखाई देते हैं। डेंगू बुखार मुख्य रूप से तीन प्रकार का होता है – साधारण डेंगू बुखार, डेंगू रक्तस्रावी बुखार (डीएचएफ) और डेंगू शॉक सिंड्रोम (डीएसएस)। साधारण डेंगू बुखार, जिसे शास्त्रीय रूप से डेंगू भी कहा जाता है। डेंगू मादा एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर साफ पानी में पनपता है और ज्यादा ऊंचाई तक नहीं उड़ पाता है।

ऐसे मछरो और वायरल इंफेक्शन से बचने और घरेलु उपाय (dengue fever treatment in hindi at home) को जानने के लिए हमारे लेख को पूरा पढ़ें।

आगे हमने इस लेख में डेंगू क्या है? डेंगू के लक्षण और उपचार इन हिंदी और डेंगू के घरेलू उपचार भी बताएं है उन्हें पढ़ना न भूले।

चलिए अब जानते है डेंगू बुखार क्या है इन हिंदी – dengue bukhar kya hai

डेंगू क्या है? – what is dengue fever in hindi

डेंगू एक मच्छर जनित वायरल संक्रमण या बीमारी है, जो मछरो के काटने से फैलती है। इस रोग में रोगी को तेज बुखार, सिर दर्द, कमजोरी, जोड़ों का दर्द, थकान आदि होता है।

इस बीमारी को अन्य नाम से Breakbone fever भी कहते है। यह बीमारी एक Flaviviridae family से संबंध सेरोटाइप नामक एक वायरस से फैलती है।

शोध के अनुसार यह संक्रमण 10 दिनों में ठीक हो जाता है, लेकिन समय पर डेंगू का इलाज न मिलने के कारण यह गंभीर रूप भी ले लेता है। उपचार के बिना, यह रक्तचाप में गिरावट, प्लेटलेट्स में कमी और यहां तक कि रोगी की मृत्यु का कारण भी बन सकता है।

डेंगू के लक्षण इन हिंदी – dengue symptoms in hindi language

Dengue Symptoms In Hindi Language
Dengue Symptoms In Hindi Language

डेंगू के इलाज से पहले इसके लक्षणों को जानना जरूरी है। इसके लक्षणों को पहचानकर हम इससे जुड़ी दवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। हमने नीचे कुछ dengue bukhar ke lakshan बताए हैं, उन्हें पढ़ना न भूलें।

तो चलिए जानते है डेंगू बुखार के लक्षण उपचार – symptoms of dengue fever in hindi

  • तेज बुखार

  • सिर दर्द

  • आंखों में दर्द होना

  • पेट दर्द

  • उलटी आना

  • साँस लेने में

  • साँस लेने में कठिनाइयां

  • चिड़चिड़ापन या बेचैनी

  • जी मिचलाना

और पढ़ें :- वायरल बुखार के लक्षण, घरेलू उपचार और बचाव के उपाय – Symptoms, Causes And Home Remedies For Viral Fever In Hindi

डेंगू बुखार के अन्य लक्षण – dengue fever ke lakshan in hindi

  • डेंगू बुखार के बाद ठंड लगना, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, भूख न लगना, गले में हल्की खराश, नाक और मसूड़ों से खून आना, शौच या उल्टी में खून आना डेंगू हेमोरेजिक फीवर (डीएचएफ) हो सकता है।
  • इसके अलावा यदि ऐसा महसूस हो कि तेज बुखार के बावजूद उसकी त्वचा ठंडी हो, रोगी बेहोश होने की कगार पर हो, नाड़ी कभी तेज तो कभी धीमी और रक्तचाप बहुत कम हो, तो डेंगू शॉक सिंड्रोम, डेंगू बुखार हो सकता है। डेंगू के इलाज के लिए आप किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं या प्राथमिक उपचार के लिए मरीज को पैरासिटामोल नाम की गोली दे सकते हैं।

  • यदि बुखार अधिक गंभीर है, तो आपको रोगी के रक्त की जांच करानी चाहिए। इन दवाओं के अलावा आप डेंगू के इलाज के लिए घरेलू उपचार भी कर सकते हैं और डेंगू बुखार में अगर शरीर में विटामिन की मात्रा पूरी हो जाए तो इससे बढ़िया बात ही नहीं है। विटामिन की पूर्ति के लिए आप संतरे या मौसमी को खिला सकते है।

डेंगू बुखार के जोखिम कारक – Risk factors of dengue fever in Hindi

ऐसे निम्नलिखित फेक्टर्स होते है जो डेंगू बुखार के होने में अपना रोल अदा करते है। कुछ ऐसे ही कारक है जो हम लेकर है उन्हें पढ़ना न भूलें।

तो चलिए जानते है डेंगू फीवर होने के कारक – 7 warning signs of dengue fever in hindi

डेंगू संक्रमित क्षेत्र में रहना – living in a dengue infected area

देखिए, अगर आप किसी ऐसे संक्रमित इलाके में रहते हैं जहां डेंगू का प्रकोप ज्यादा है, तो आपको संक्रमण होने की संभावना ज्यादा है।

क्योंकि ऐसे संक्रमित क्षेत्र में रहने से भी आपको डेंगू बुखार होने का खतरा बना रहता है।

प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर होना – Weak immunity system

जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर होती है उन्हें भी डेंगू होने की संभावना ज्यादा होती है। ऐसे में बुजुर्गों और बच्चों को डेंगू होने की ज्यादा आशंका रहती है। साथ ही मधुमेह, फेफड़ों की बीमारियों और हृदय रोगों से पीड़ित रोगियों में भी डेंगू का खतरा बढ़ जाता है।

लो प्लेटलेट – low platelets

डेंगू का इलाज करना तब ओर भी गंभीर हो जाता है जब रोगी के खून में प्लेटलेट्स (क्लॉटिंग सेल्स) की गिनती बहुत कम हो जाती है। ऐसे में डेंगू होने का बढ़ जाता है। यदि आपको डेंगू बुखार हो इससे पहले अपनी टलेट काउंट लेवल पहले ही चेक करवा लें।

क्योंकि लौ प्लेटलेट्स (क्लॉटिंग सेल्स) की कमी कारण रोगी जल्दी डेंगू की चपेट में आता है।

डेंगू बुखार के लिए घरेलू उपचार – dengue fever treatment in hindi at home

Dengue Fever Treatment In Hindi At Home
Dengue Fever Treatment In Hindi At Home

आमतौर पर रोगी के डेंगू लक्षणों  के आधार पर ही dengue ka gharelu upchar किया जाता है। वैसे तो डेंगू बुखार के लिए कोई खास दवा तो नहीं है, लेकिन आप dengue se bachne ke upay कर सकतें है, जिससे हमने नीचे विस्तार से बताया है।

तो चलिए जानते है डेंगू बुखार का इलाज – dengue treatment in hindi

नीम के फायदे है डेंगू बुखार में – Benefits of neem in dengue fever

डेंगू बुखार में नीम के पत्तों का रस पीने से बहुत से फायदे होते है। खासतौर पर नीम के पत्तों का रस पीने से गिरी हुई प्लेटलेट्स (Platelets) और सफेद रक्त कोशिकाएं (white blood cells) की संख्या में बढ़ोतरी होती है।

यह हमारी इम्युनिटी सिस्टम में सुधार करता है और डेंगू के इलाज के दौरान हमारी मदद करता है।

गिलोय है फायदेमंद डेंगू बुखार के इलाज के लिए – Giloy is beneficial for the dengue treatment in hindi

गिलोय एक औषधीय जड़ी बूटी है जो कई बीमारियों को दूर करने में मदद करती है। गिलोय के तने को उबालकर इसका काढ़ा बनाकर पीने से यह आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है और डेंगू के संक्रमण को कम करता है।

नारियल पानी से करें डेंगू का इलाज – Treat dengue with coconut water

देखें, जब डेंगू होता है तो प्लेटलेट्स गिरने लगती है, प्लेटलेट्स गिरने से मृत्यु की सम्भावना बढ़ जाती है। ऐसे में Dengue ke ilaj के लिए नारियल पानी पीना बहुत फायदेमंद होता है।

इसमें मौजूद सभी जरूरी पोषक तत्व शरीर को मजबूत बनाते है और Dengue से छुटकारा दिलाते है।

जौ से करें डेंगू बुखार का इलाज – Treat dengue fever with barley

डेंगू बुखार के दौरान खून में प्लेटलेट्स (Platelets) की संख्या कम हो जाती है, जिससे मौत भी हो सकती है। ऐसे में जौ घास का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद होता है।

यह रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को ठीक करके शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या को बढ़ाता है। इसलिए जौ का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। जौ की घास का काढ़ा बनाकर पीएं। यह डेंगू बुखार के लक्षणों को कम करने में बहुत प्रभावी है।

पपीते से करें डेंगू के घरेलू उपचार – Home remedies for dengue with papaya

पपीते के पत्ते डेंगू बुखार में बहुत ही लाभदायक होते है। अगर आपको डेंगू बुखार हो जाता है तो किसी अच्छे डॉक्टर की सलाह से पपीते का सेवन करें। क्योंकि पपीते में मौजूद सभी पोषक तत्व गिरे हुए प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ाने में मदद करते हैं।

डेंगू बुखार में फायदेमंद है चुकंदर – Beetroot is beneficial in dengue fever

चुकंदर के जूस में उच्च मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं। एक गिलास गाजर के रस में दो से तीन चम्मच चुकंदर का रस मिलाकर पीने से खून में प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ते हैं।

डेंगू बुखार के लिए अन्य घरेलु उपचार – home remedies for dengue in hindi

  • आप दवाओं के साथ-साथ कुछ घरेलू नुस्खे भी आजमा सकते हैं जिससे आपको डेंगू से जल्दी राहत मिल सके, जैसे हल्दी और दूध का मिश्रण। रोज सुबह-शाम हल्दी वाला दूध पीने से शरीर मजबूत रहता है।

  • और इसी के साथ आप तुलसी को पानी में उबालकर उसमें एक चम्मच शहद मिलाकर सेवन करने से आपका रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार आता है।

  • डेंगू बुखार में गिलोय बेल बहुत ही फायदेमंद होती है। साथ ही यह शरीर में ब्लड प्लेटलेट्स की मात्रा को भी बढ़ाने में मदद करती है। गिलोय की बेल को काट कर उसे पानी में उबाल कर उस पानी को ठंडा कर रोगी को पिलाने से मात्र 45 मिनट के बाद बॉडी में ब्लड प्लेटलेट्स बढ़ने शुरू हो जाते है।

  • डेंगू बुखार को भी मेथी के पत्तों से कम किया जा सकता है, यह बहुत ही आसान और सस्ता उपाय है। इसके लिए आपको मेथी के पत्तों को लेकर पानी में रखना है और इस पानी को पीने से डेंगू बुखार में आराम मिलता है और पीड़ित का दर्द दूर हो जाता है

  • आप पपीते के पत्तियों का इस्तेमाल भी कर सकते है। इस उपयोग के लिए पपीते की पत्तियों कूट कर इसका रस पीने से आपका सर में दर्द, कमजोरी महसूस होना, उबकाई आना, थकान महसूस होना आदि जैसे बुखार के लक्षण कम हो जाते है।

  • जैसा कि आप जानते हैं कि एडिज अगिपट्टी मच्छर ज्यादातर दिन में काटते हैं, वे खाली कंटेनर और गंदी जगहों में प्रजनन करते हैं, जिससे डेंगू जैसी खतरनाक बीमारियां फैलती हैं। इस मच्छर को पनपने से रोकने के लिए आप अपने घर के आस-पास कहीं भी पानी जमा न होने दें और साफ-सफाई का ध्यान रखें।

डेंगू बुखार कितने दिन में ठीक होता है – dengue bukhar kitne din rehta hai in Hindi

आम डेंगू बुखार स्वचालित रूप से ठीक हो जाता है और जीवन के लिए मृत्यु का खतरा भी नहीं रहता है। लेकिन यदि कोई भी डीएचएफ या डीएसएस है और इसका तत्काल उपचार शुरू नहीं किया गया तो जान जाने की संभावना बढ़ जाती है। तो यह पहचानना सबसे महत्वपूर्ण है कि डेंगू सामान्य डीएचएफ या डीएसएस तो नहीं है। देखें, वैसे तो साधारण डेंगू बुखार करीब 5 से 7 दिन तक रहता है और मरीज ठीक हो जाता है। लेकिन डेंगू डीएचएफ या डीएसएस है तो मरीज के लिए ठीक होना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।

डेंगू को नियंत्रित कैसे करें – How to Control Dengue Treatment in Hindi

डेंगू के लिए कोई विशिष्ट दवा या सटीक उपचार उपलब्ध नहीं है। बुखार और दर्द को नियंत्रित करने के लिए डॉक्टर पेरासिटामोल जैसे दर्द निवारक दवाएं लिख सकते हैं।

शरीर को हाइड्रेट रखना डेंगू को नियंत्रण में रखने के सबसे महत्वपूर्ण तरीकों में से एक है। ऐसे में साफ पानी पर्याप्त मात्रा में पीना चाहिए। इसके साथ ही नारियल पानी का भी सेवन करें। गंभीर लक्षणों वाले रोगियों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होती है। गंभीर मामलों में, रोगी को अंतःशिरा तरल पदार्थ या electrolyte की खुराक दी जाती है।

कुछ मामलों में, रक्तचाप की निगरानी और रक्त आधान के माध्यम से भी इसका इलाज किया जाता है। एस्पिरिन या इबुप्रोफेन जैसी दवाओं का स्व-प्रशासन करना न भूलें, क्योंकि वे रक्तस्राव (bleeding) के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।

डेंगू मच्छरों को रोकने के लिए, इन तरीकों का पालन करें –

  • इसके लिए आप छत पर रखे हुए खली पीपे, टायर, पुराने गमले आदि में पानी ज्यादा दिनों तक न रहने दें। हमेशा खाली बाल्टी और बर्तनो को अपने घरों की छतो पर उल्टा करके रखें। अपने घरों के आस-पास, नजदीकी क्षेत्रों और नालियों में नियमित रूप से मच्छर-नाशकों का प्रयोग करें।

  • यह सुनिश्चित करें कि घर के दरवाजे और खिड़कियों की जालियां फटी हुई न हो। यदि आपके घर में कोई डेंगू से पीड़ित है, तो सुनिश्चित करें कि उन्हें या घर के किसी अन्य सदस्य को मच्छर दोबारे न काटे। सोने से पहले हमेशा मच्छरदानी लगाकर सोएं।  अगर आप कूलर का उपयोग करते हैं तो नियमित रूप से पानी की ट्रे को साफ़ करें।

  • हमेशा कचरे के डिब्बे को ढककर रखे, मच्छरों को दूर रखने का एक प्राकृतिक उपाय है यह भी है की आप अपनी घर की खिड़किओं के आस-पास तुलसी के पौधेलगाएं, यह मच्छरों को पनपने से रोकते है।

  • हमेशा कचरे के डिब्बे को ढककर रखे, मच्छरों को दूर रखने का एक प्राकृतिक उपाय यह भी है की आप अपनी घर की खिड़किओं के आस-पास तुलसी के पौधे लगाएं, यह मच्छरों को पनपने से रोकता है।

निष्कर्ष – Conclusion

आशा करता हूँ की अब आप dengue bukhar ka ilaj जान गए होंगे। अगर यह dengue fever किसी को हो जाये तो उसे हमारे बताएं गए इलाज पर ध्यान देना चाहिए ।

अगर आपको dengue symptoms and treatment in hindi के लेख से संबंधित कोई सवाल या सुझाव है तो हमे कमेंट के जरिये जरूर बताएं।

और पढ़ें :- बुखार की श्रेणी के बारे में

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