शीर्षासन करने के तरीके, फायदे और सावधानियां

Shirshasana (शीर्षासन)

Shirshasana Yoga in Hindi

सभी आसनों में से Shirshasana को सबसे अच्छा और महत्वपूर्ण आसन कहा जाता है। 80 लाख योगा आसनो के फायदे मिलकर तब एक आसन बनता है जोकि है शीर्षासन

शीर्षासन संस्कृत भाषा का शब्द है जोकि दो शब्दों से बना है शीर्ष + आसन। यानी की  शीर्ष का अर्थ होता है सिर (Head) और आसन का अर्थ होता है मुद्रा (Pose)। इसका अभ्यास सिर को नीचे रखतें हुए पैरो को ऊपर करके किया जाता है।

शीर्षासन को अंग्रजी भाषा में HeadStand के नाम से भी जाना जाता है। इस आसन में, पूरे शरीर का वजन केवल सिर पर रहता है और एक संतुलित मुद्रा बनाई जाती है, जिसके लिए इसे शीर्षासन या हेडस्टैंड नाम दिया गया है।

वैसे तो सभी जानते हैं कि हेडस्टैंड सिर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यही कारण है कि अक्सर लोग हमें सिरदर्द या अन्य सिर की बीमारियों के लिए शीर्षासन करने की सलाह देते हैं।

क्योंकि जब भी इसका अभ्यास किया जाता है, तो सिर को नीचे जमीन पर रखकर पैरो को ऊपर करके संतुलित करना आवश्यक होता है। इस प्रक्रिया में, रक्त सिर में चला जाता है, जो रक्त परिसंचरण में सुधार करता है, जो सिरदर्द या सिर से संबंधित सभी बीमारियों के लिए फायदेमंद है।

कितनी समय के लिए करना चाहिए शीर्षासन -

शुरुवाती समय में ये बिलकुल आप पर निर्भर करता है। क्योंकि जब आप इस आसन को करते है तो आपके अंदर इतनी शक्ति नहीं होती है जिससे आप इसे लगातार कर सकें।

Shirshasana (शीर्षासन) करने के लिए एक Beginner को शुरू में 1 मिनट से लेकर अधिकतम 5 मिनट तक अभ्यास कर सकता है।

एक अच्छे अभ्यास के बाद, जब आप इसमें ट्रैन हो जाएँ यानि आपके अंदर इतनी सहनशक्ति हो जाएँ की आप इसे ज्यादा समय के लिए कर सकें, तो एक Advanced को लगभग 5 मिनट से लेकर अधिकतम 10 मिनट तक इसका अभ्यास कर सकता है।

शीर्षासन करने का सही तरीका (How to do Shirshasana in Hndi)

शुरवाती समय के शीर्षासन करना बहुत ही कठिन हो सकता है। लेकिन यह उतना ही आसान है जितना की Vayu Mudra का अभ्यास करना।

इस आसन को सभी आसनों में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए इस आसन को सही रूप और तरीके से करना फायदेमंद हो सकता है। अन्यथा यह आपके गलत तरीके के कारण नुकसानदायक साबित हो सकता है।

तो आइये जानते है शीर्षासन करने की विधि – Shirshasana karne ki Vidhi

  • सबसे पहले किसी योगा मेट या चटाई का इस्तेमाल करें।
  • फिर वज्रासन की मुद्रा में घुटनों के बल बैठ जाएं और दोनों हाथों की अंगुलियों को सख्ती के साथ जोड़ ले यानि इंटरलॉक कर लें।

  • हाथो को जमीन पर रखकर आगे की ओर झुकें और कोहनियों को जमीन पर टिका दें।

  • इसके बाद हथेलियों के बीच में सिर को रखें और पैरो की उंगलियों पर आ जाएँ।

  • इसके बाद धीरे-धीरे अपने दोनों पैरों को ऊपर उठाएं और एक दम सीधे खड़े हो जाएँ।

  • पैरों को ऊपर उठाने के लिए किसी दीवार या व्यक्ति के द्वारा सहारा भी ले सकते है।

  • ऊपर उठने के बाद एक संतुलित बॉडी को बनायें और 20 से 25 सेकेंड तक गहरी साँस ले और इसी मुद्रा में बने रहें।

  • धीर-से  साँस को छोड़ते हुए पैरों को नीचे की तरफ लाएं और को फिर से दोराहयें।

  • ऐसे आप इस आसान को 4 से 5 बार के लिए दोराहयें।

बाबा रामदेव के वीडियो के माध्यम से हेडस्टैंड करना सीखें।

शीर्षासन योग के फायदे (Benefits of Shirshasana in Hindi)

Benefits of Shirshasana

शीर्षासन करने के कई फायदे हैं। यदि आप नियमित रूप से इसका अभ्यास करते हैं, तो यह आपको अनगिनत लाभ देगा। लेकिन एकमात्र शर्त यह है कि इसे रोजाना सुबह और खाली पेट करें। 

तो आइये जानते है शीर्षासन करने के फायदे (advantages of shirshasana in hindi)

1. तनाव को कम करता है शीर्षासन (Reduces Stress)

शीर्षासन के द्वारा सिर और शरीर में रक्त संचार काफी अच्छा रहता है जिससे तनाव को दूर करने में काफी मदद मिलती है। ओवरआल देखा जाएँ तो शीर्षासन के द्वारा एक व्यक्ति को काफी फायदे मिलते है जिन्हे वह अपने स्वस्थ जीवन के लिए अपना सकता है।

तनाव को दूर करने के लिए लोग काफी चीजे का इस्तेमाल करते है लेकिन वह उनमे से शीर्षासन को करना भूल जाते है।  यदि आप नियमित रूप इसका अभ्यास करेंगे तो आप तनाव को कम करने में सहायक रहेंगे।

2. स्ट्रेंथ में बढ़ोतरी करता है (Increases strength)

जैसा कि हमने कहा है कि शीर्षासन ऊपरी शरीर को मजबूत बनाता है लेकिन यह मजबूती के साथ स्ट्रेंथ  में भी वृद्धि करता है।

आपने देखा होगा की जो लोग योगासन करते है, उनका शरीर लचीला और मजबूत होता है उनकी मासपेशियों में इतनी स्ट्रेंथ होती है कि वह कोई भी काम बिना किसी रूकावट के आसानी से कर सकते है।

3. ऊपरी शरीर को मजबूत करता है (Strengthens the upper body)

Shirshasana करने से ऊपरी शरीर को मजबूती मिलती है। यह शरीर की बाहों, कंधों और पीठ के ऊपरी हिस्से को मिलाकर बॉडी को संतुलित करना पड़ता है जिससे की मांसपेशियों में ताकत बढ़ती है।

शुरुवाती समय में बॉडी को बैलेंस करने में कठिनाइयां आ सकती है। लेकिन आप किसी दीवार या किसी व्यक्ति का सहारा लेकर इसे 5 से 10 मिनट  तक कर सकते हैं। इसके रोजाना अभ्यास से मांसपेशियों की ताकत में वृद्धि होती है ।

4. बॉडी के संतुलन में सुधार (Improve body balance)

शीर्षासन मांसपेशियों में ताकत बढ़ाने के साथ-साथ शरीर में संतुलन बढ़ाने में भी मदद करता है। इससे एक ही मुद्रा में लबे समय तक रहने में मदद मिलती है जो शरीर की संतुलन की क्षमता को बढ़ाता है।

बिना किसी हलचल के लंबे समय तक एक ही अवस्था में योगासन करने से शरीर के संतुलन में बढ़ोतरी होती है और मस्तिष्क भी संतुलित रहता है।

5.एकाग्रता की शक्ति को बढ़ाता है (Increases Concentration Power)

एकाग्रता की शक्ति को हेडस्टैंड के माध्यम से बढ़ावा दिया जाता है। लंबे समय तक एक आसन में बैठने से एकाग्रता की क्षमता में सुधार आता है।

आपने देखा होगा कि जो लोग शीर्षासन करते हैं उनमें ध्यान केंद्रित करने की बहुत अच्छी क्षमता होती है और साथ ही वे एक ही स्थान पर लंबे समय तक ध्यान केंद्रित कर पाते हैं।

6. हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है शीर्षासन (Strengthen Bones)

हड्डियों को मजबूत बनाने में हेडस्टैंड भी मददगार है। जो लोग नियमित रूप से आसन करते हैं उन्हें ऑस्टियोपोरोसिस (osteoporosis) होने की संभावना कम होती है। यह एक हड्डियों का ऐसा रोग होता है जिसमे फ़्रैक्चर होने का खतरा बढ़ जाता है।

लेकिन Shirshasana के द्वारा इस खतरे को कम किया जा सकता है। इसके नियमित अभ्यास से अस्थिसुषिरता या ऑस्टियोपोरोसिस जैसे बीमारी को टाला जा सकता है।

7. कमर (Back) संबंधी समस्याओं से राहत दिलाता है (Relieves back problems)

शीर्षासन के द्वारा पीठ संबंधित समस्याओं को दूर किया जाता है। इस आसन में, हाथों को नीचे जमीन पर टिकाया जाता है और पैर ऊपर होते हैं, जिसे पूरा शरीर सीधा रहता है। जोकि पीठ दर्द से राहत दिलाने के लिए प्रभावी है।

बहुत से लोगो को कम दर्द की शिकायत रहती है। अगर वे शीर्षासन को सही रूप और सही तरीके से करेंगे तो सायद ही  दर्द की शिकायत रहें।

8. पाचन तंत्र में सुधार करता है (Improves digestive system)

कई लोगों को खाना पचाने में समस्या होती है। उनका पेट अच्छी तरह से साफ नहीं हो पाता है और वे पूरे दिन भरा हुआ महसूस करते हैं। इसलिए उनके लिए हेडस्टैंड करना बहुत जरूरी है।

क्योंकि शीर्षासन करने से पेट संबंधी समस्याएं और अपच की समस्या दूर होती है।

9. सिरदर्द और दिमाग के लिए फायदेमंद है ( headaches and brain)

यह देखा जाता है कि कई लोगों को सिरदर्द की समस्या होती है। यदि वे शीर्षासन का अभ्यास करते हैं, तो वे इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

शीर्षासन के द्वारा मस्तिष्क में रक्त का संचार काफी अच्छा होता है जो किसी भी मानसिक बीमारी और सिरदर्द से छुटकारा पाने में सहायक होता है। 

10. बालों को झड़ने से रोकता है (Prevents hair fall)

यदि शीर्षासन का नियमित रूप से किया गया तो यह बालो के झड़ने (Hair Fall) को भी कम कर सकता है।

इसके नियमित अभ्यास से मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह सही ढंग से होता है जो दिमागी रूप से मजबूत , बालो का झड़ना, डेंड्रफ इत्यादि बिमारियों से छुटकारा दिलाता है।

शीर्षासन करते समय ध्यान रखें ये बातें :-

  • यदि आपको टाँगे ऊपर ले जाने में समस्या आ रही है, तो आप अपने दोस्त या भाई-बहन की मदद से टाँगो को ऊपर ले जाने की कोशिश करें। 
  • जब आपकी बॉडी सीधी जो जाये तब आपको शरीर संतुलित करने में समस्या आ रही है तो आप किसी दीवार का सहारा लेकर आसन को करने का प्रयास करें।

  • अगर आपको लगता है कि अब सही समय है बिना किसी का सहारा लिए इस आसन  को करने का तो आप फिर भी अपने भाई-बहन को रखें,  क्योंकि किसी ने सही ही कहा है दुर्घटना से देर भले।

शीर्षासन के लिए सावधानियां (Precautions for Shirshasana)

  • शुरुआती समय में शीर्षासन को करने से पहले किसी योग शिक्षक की सलाह अवश्य ले या उसकी देख रेख में ही आसन को करें।

  • यह जानना महत्वपूर्ण है कि अगर आपके मस्तिष्क में अशुद्ध रक्त है, तो आपको बिल्कुल भी हेडस्टैंड नहीं करना चाहिए। क्योंकि हेडस्टैंड करने से, अशुद्ध रक्त आपके मस्तिष्क तक पहुंच सकता है।

  • शीर्षासन करने से पहले पेट को पूरी तरह खाली रखें, अगर पेट भरा हुआ है तो उल्टी (Vomiting)की संभावना बढ़ जाएगी।

  • महिलाओं को गर्भावस्था के समय शीर्षासन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। यदि वह इस आसन को करते हैं तो यह उनके लिए हानिकारक साबित हो सकता है।

  • यदि आपको बुखार, सिर दर्द हो या चक्कर आ रहे है, तो आपको शीर्षासन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।

  • यदि आपको हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग या किडनी रोग  है, तो आपको बिल्कुल भी हेडस्टैंड नहीं करना चाहिए।

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