शीतकारी प्राणायाम करने की विधि, लाभ और सावधानियां – Sheetkari Pranayama Benefits In Hindi

sheetkari pranayama in hindi

Sheetkari Pranayama in Hindi :- शीतकारी प्राणायाम, जैसा कि इसके नाम से पता चलता है की यह शीत से संबंधित है। यह प्राणायाम शरीर को ठंडक पहुंचाने के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, इसलिए इस प्राणायाम को शीतकारी प्राणायाम का नाम दिया गया है।

शीतकारी और शीतली दोनों अलग-अलग प्राणायाम हैं, अगर आपको लगता है कि यह एक प्राणायाम है, तो आप गलत हैं। हाँ इनमे एक चीज कॉमन है कि  इनका उल्लेख हठयोग प्रदीपिका में वर्णित किया गया है।

Sheetkari Pranayama के कई फायदे हैं। यह शरीर और दिमाग को ठंडा करने के साथ-साथ तनाव में कमी, चिंता और अवसाद से भी राहत दिलाता है।

इसके इतने सारे फायदे देखकर आप सोच रहे होंगे कि शीतकारी प्राणायाम करना कठिन है, लेकिन ऐसा नहीं है। शीतली प्राणायाम की तुलना में शीतकारी प्राणायाम करना बहुत आसान और सरल है, अगर आप इसे करने का सही तरीका जानते हैं।

इसका सही तरीका जानने के लिए हमने नीचे sheetkari pranayama steps and benefits in hindi का लेख आपके लिए लिखा है, इसके साथ ही हमने आगे शीतकारी प्राणायाम के फायदे, शीतकारी प्राणायाम कैसे करें, शीतकारी प्राणायाम की वीडियो और इससे जुड़ी कुछ सावधानियों का जिक्र किया है, उन्हें पढ़ना ना भूले।

तो चलिए अब जानते हैं Sheetkari Pranayama Information in Hindi

शीतकारी प्राणायाम क्या है? – What is Sheetkari Pranayama in Hindi

शीतकारी शब्द संस्कृत भाषा का शब्द है। यह शब्द 3 शब्दों से मिलकर बना है शीत + कारी + प्राणायाम।

शीत शब्द का अर्थ होता है ठंडक, कारी शब्द का अर्थ होता है उत्पन्न और प्राणायाम शब्द का अर्थ होता है सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया।

यानी यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें प्राणायाम करते वक्त मुंह से ‘सि’ या ‘शीत’ की ध्वनि निकलती है, इसलिए इस प्राणायाम  को sheetkari pranayama कहा जाता है। इस प्राणायाम को अंग्रेजी भाषा में Hissing Breath भी कहते हैं।

यह प्राणायाम बेहद सरल और सहज है। इस प्राणायाम को ज्यादातर गर्मियों के मौसम में किया जाता है, क्योंकि यह आपके मन और शरीर को ठंडक पहुंचाने का काम भी करता है, इसलिए इसे कूलिंग प्राणायाम भी कहा जाता है।

 चलिए अब जानते हैं शीतकारी प्राणायाम को कैसे किया जाता है? –  How to do Sheetkari Pranayama in Hindi

शीतकारी प्राणायाम करने की विधि – Sheetkari Pranayama Steps in Hindi

Sheetkari Pranayama Steps in Hindi

इस प्राणायाम को करने का तरीका बहुत ही आसान और सरल है। बस हमारे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके आप बहुत ही आसानी से इस प्राणायाम को करना सीख सकते हैं।

जैसे कि आप सभी जानते हैं कि शीतली प्राणायाम थोड़ा सा मुश्किल है बजाएं शीतकारी प्राणायाम के, इसलिए हमने बड़े ही आसान शब्दों में sheetkari pranayama karne ki vidhi लेकर आए हैं, यदि आप इस प्राणायाम को हमारे द्वारा बताए गए बातों को ध्यान में रखते हुए करते हैं, तो आप बहुत ही जल्द इस प्राणायाम को करना सिख जायेंगे।

तो चलिए अब जानते हैं शीतकारी प्राणायाम करने का तरीका – Sheetkari Pranayama Kaise Kare in Hindi

  • सबसे पहले आरामदायक और शांत मुद्रा में बैठें।

  • आप चाहें तो पद्मासन या वज्रासन की मुद्रा में बैठ सकते हैं।

  • इसके बाद अपने ऊपर और नीचे के दांतों को मिला लें, होठ को अलग रखें, ऐसी स्थिति बनाएं कि जब कोई व्यक्ति आपके सामने खड़ा हो, तो वह आपके दांतों को देख सके।

  • अब अपनी जीभ को ऊपर टच करके टिकाए रख सकते हैं या इसकी बजाएं आप अपने जीभ को सीधा रख सकते हैं।

  • अब अपने दांतों के माध्यम से धीमी और लंबी गहरी सांस लें।

  • सांस को अंदर रखें,  मुहं को बंद करें, जीभ जैसी स्थिति में थी वैसे ही रखें।

  • अब नाक से धीरे-धीरे सांस छोड़ें, ऐसा एक चक्कर कंप्लीट होता है।

  • ऐसे चक्कर आप रोजाना 9 से 10 बार कर सकते हैं।

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शीतकारी प्राणायाम के लिए वीडियो – Video for Sheetkari Pranayama in Hindi

वीडियो की साहयता द्वारा शीतकारी प्राणायाम करना सीखें।

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शीतकारी प्राणायाम के फायदे – Sheetkari Pranayama Benefits in Hindi

इस प्राणायाम से शारीरिक ही नहीं मानसिक लाभ भी होते हैं। यह कई बीमारियों को ठीक करता है, शरीर को ठंडक देता है, गले के अल्सर से बचाता है और भी बहुत कुछ जिसके बारे में हमने नीचे विस्तार से बताया है।

तो चलिए अब benefits of sheetkari pranayama in hindi के फायदे को विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं।

शीतकारी प्राणायाम के लाभ – Sheetkari Pranayama ke labh in hindi

रक्त परिसंचरण में सुधार करता है (Improves Blood Circulation)

इस आसन के नियमित और निरंतर अभ्यास से रक्त परिसंचरण में सुधार आता है। यह शरीर में ब्लड फ्लो को बेहतर करता है और साथ ही हृदय से संबंधित बीमारियों को भी दूर करता है।

यह आसन पूरे शरीर में प्राण प्रभाव को आसान बनाता है।

ऊर्जा को बढ़ाता है (Boosts Energy)

इस आसन से शरीर में ऊर्जा की मात्रा बढ़ती है। थका हुआ शरीर व्यक्ति को न केवल मानसिक रूप से बल्कि शारीरिक रूप से भी निचोड़ता है, जिसके कारण थकान, रुचि की कमी, इच्छा में कमी आदि समस्याएं होती हैं।

 यह आसन सभी समस्याओं से राहत देकर, शरीर में ऊर्जा की मात्रा को बढ़ाता है जिससे कि आप किसी भी काम को अच्छे से और उसे मन लगाकर कर सकते हैं।

चिंता में कमी करता है (Reduces Anxiety)

यह आसन चिंता को कम करके मन और दिमाग दोनों को शांत रखता है। यह आसन मानसिक और शारीरिक दोनों तरह से समन्वय स्थापित करता है।

यह आसन चिंता जैसी समस्या से भी राहत दिलाता है। इस आसन की खास बात यह है कि इससे पूरे शरीर को आराम मिलता है।

भूख को बढ़ाता है (Increases Appetite)

अक्सर आपने देखा होगा कि लोगों को कम खाने की आदत होती है या उनसे ज्यादा खाना नहीं खाया जाता है, ऐसा इसलिए है क्योंकि उनके शरीर में एनोरेक्सिया नामक एक बीमारी हो जाती है।

इस रोग में खाना खाने में मन नहीं लगता है या खाना ज्यादा नहीं खाया जाता है। यह आसन इस रोग को दूर करता है और शरीर में भूख की आवश्यकता को बढ़ाता है। अगर आप दुबले-पतले व्यक्ति हैं, तो यह आसन वजन बढ़ाने में भी आपकी मदद करेगा।

शरीर के तापमान को बनाए रखें नॉर्मल (Maintain Body Temperature)

यह आसन शरीर के तापमान को बनाए रखता है। शरीर का तापमान बढ़ने से बुखार और ज्वर जैसी बीमारियां होने का खतरा रहता है। ऐसे में इस आसन के अभ्यास से शरीर के तापमान को संतुलित करने में मदद मिलती है।

आंतरिक अंगों की करे सफाई (Clean Internal Organs)

यह आसन शरीर के आंतरिक अंगों की सफाई करता है। हम चेहरे या आंखों से ज्यादा नहीं बता सकते कि समस्या क्या है। ऐसे में इसे केवल अनुभव या लक्षणों से ही जाना जा सकता है। अगर आप इस आसन को करते हैं तो यह आंतरिक अंगों की सफाई करता है और शरीर को स्वस्थ बनाता है।

शीतकारी प्राणायाम के अन्य फायदे – Sheetkari Pranayama ke fayde in Hindi

  • यह आसन तन और मन दोनों को शीतलता प्रदान करता है।

  • यह आसन तन और मन के संतुलन को बनाए रखने के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

  • हाई बीपी के मरीजों के लिए यह बहुत फायदेमंद एक्सरसाइज है।

  • यह प्राणायाम दांतों और मसूड़ों के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

  • यह प्राणायाम ध्यान केंद्रित करने में भी मदद करता है।

शीतकारी प्राणायाम करने में बरते ये सावधानियां – Precautions for Sheetkari Pranayama in Hindi

  • सांस से संबंधित रोगियों के लिए यह प्राणायाम फायदेमंद नहीं है।

  • यदि आपके दांत संवेदनशील या दातों में दर्द है तो तब इसका अभ्यास ना करें।

  • अगर आपको दिल से जुड़ी कोई बीमारी है तो एक बार डॉक्टर से जरूर सलाह लें।

  • सर्दियों में इस प्राणायाम से बचना चाहिए।

  • अगर आपको पुरानी कब्ज जैसी समस्या है तो इस प्राणायाम से बचना चाहिए।

  • लो बीपी के मरीजों को यह प्राणायाम नहीं करना चाहिए।

निष्कर्ष (Conclusion)

आशा करते है कि इन सभी गुणों और तरीको को जानने के बाद आपके मन में  sheetkari pranayama steps and benefits in hindi से जुड़ी कोई जानकारी छूट गयी हो। अगर आपको हमारा sheetkari pranayama in hindi  का यह लेख पसंद आया हो तो हमें कमेंट के जरिए जरूर बताएं और अपने दोस्तों के साथ शेयर करें।

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