नौकासन योग करने का तरीका, फायदे और सावधानियां (Naukasana in Hindi)

Naukasana in Hindi

आज पूरी दुनिया में योग का अपना महत्व है। भारतीय ऋषियों ने जिस मुकाम पर योग को पहुंचाया है, वह आज देखने योग्य है।

उन्होंने तरह-तरह की वस्तुएं तथा जीव जंतुओं के आधार पर कई योगासनों का निर्माण किया है।

समुद्र की लहरों में भी शांत और अटल रहने वाली नाव से प्रेरणा लेकर भारत के महान योगियों ने naukasana in hindi की रचना की है।

नौकासन पीठ के बल लेटकर किए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण योगा अभ्यासों में से एक है। यह पेट की चर्बी को कम करता है, पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है और मांसपेशियों को भी मजबूत बनाता है।

इसीलिए इस लेख में, मैं आपको naukasana yoga in hindi, naukasana benefits in hindi, naukasana steps in hindi और precaution for naukasana in hindi के बारे में जानकारी दूंगा।

नौकासन क्या है ? (Information About Naukasana in Hindi)

यह पीठ के बल लेटकर किए जाने वाला अभ्यास है। इस आसन को अंग्रेजी भाषा में Boat Pose भी कहते हैं।

इस आसन का नाम नौकासन इसलिए पड़ा क्योंकि इस आसन को करते समय मनुष्य की आकृति नाव के समान दिखाई देती है, इसीलिए इस आसन का नाम naukasana yoga in hindi पड़ा।

जब आप इस आसन को करते हैं, तो यह आपके पेट पर बहुत प्रभाव डालता है, जो मोटापा कम करने में सहायक होता है। यह six pack abs को भी विकसित करता है और साथ ही हाथ, पैर, पेट और पीठ की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।

नौकासन करने का सही तरीका (How to do Naukasana in Hindi)

Naukasana steps in hindi

देखिए, Naukasana का अभ्यास करना बहुत ही आसान और सरल है। बस आपको नियमित और निरंतर रूप से योगासनों का पालन करना है। इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि नौकासन का अभ्यास करने से पहले स्ट्रेचिंग या वार्म-अप जरूर करें।

तो चलिए जानते है नौकासन करने की विधि (Naukasana steps in hindi)

  • सबसे पहले योगा मैट या चटाई का इस्तेमाल करें।

  • योगा मैट पर पीठ के बल लेट जाएं, शरीर को बिल्कुल सीधा रखें और दोनों हाथों को शरीर से लगा ले।

  • फिर अपने घुटनों को मोड़े, ऊपरी शरीर को ऊपर उठाएं और दोनों हाथों को घुटनों पर रखें।

  • इसके बाद अपने दोनों पैरों को सीधा करें, जैसा कि ऊपर इमेज में दर्शाया गया है।

  • ध्यान रखें कि आपके दोनों हाथ घुटनो के बगल में हो और सीधे रहेंगे।

  • जब आप ऊपर की तरफ उठेंगे तो साँस को धीरे-धीरे छोड़े।

  • इस स्थिति को लगभग 15 से 20 सेकंड तक बनाए रखें।

  • शुरुआत के समय इस आसन को करने में कठिनाइयां महसूस हो सकती है, परंतु  नियमित और नियंत्रण अभ्यास आपको इस आसन को अच्छी तरह से करने में मदद करेगा।

वीडियो की मदद से नौकासन करना सीखें (Boat Pose in Hindi)

बाबा रामदेव के द्वारा नौकासन योग करने का सही तरीका जाने।

नौकासन के फायदे (Naukasana Benefits in Hindi)

देखें, नौकासन करने के तरीके अनेक हैं। इसके तरीके अनेक के साथ-साथ इसके फायदे भी अनेक है। इसके फायदों को देखकर लोग इस आसन का अभ्यास करते हैं। यह पेट की चर्बी को कम करता है मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को भी दूर करता है।

इसके इतने सारे फायदे हैं कि आप आपको गिना ही नहीं सकते है,इसलिए हमने कुछ फायदों के बारे में नीचे बताया है।

तो चलिए जानते हैं Naukasana ke Labh (Naukasana Yoga Benefits in Hindi)

  • इसके निरंतर और नियमित व्यायाम से सिक्स पैक एब्स बनते हैं और पेट की चर्बी कम होती है।

  • पेट की चर्बी के साथ-साथ यह मोटापा कम करता है।

  • यह किडनी के लिए फायदेमंद है। यह किडनी की कई समस्याओं को दूर करता है।

  • यह आसन पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और पाचन संबंधी समस्याओं जैसे कब्ज, गैस, एसिडिटी आदि से छुटकारा दिलाता है।

  • यह फेफड़े और सांस से संबंधित बीमारियों को दूर करता है और शरीर में शुद्ध वायु को पहुंचाता है।

  • यह रीड की हड्डी, हाथ और पैर की हड्डी और कूल्हे की हड्डी को मजबूत बनाता है।

  • यह मधुमेह से छुटकारा दिलाने में सहायक है।

  • यह शरीर में रक्त के प्रवाह को बेहतर करता है।

  • यह हर्निया जैसी बीमारियों से भी छुटकारा दिलाता है।

  • इसके निरंतर और नियमित अभ्यास से शरीर का संतुलन और फोकस बढ़ता है।

  • यह कोर मसल्स को भी मजबूत बनाता है।

नौकासन करने से पहले ध्यान रखें ये बातें (Important Information About Naukasana in Hindi)

देखें, आप किसी भी समय नौकासन का अभ्यास कर सकते हैं, लेकिन सुबह के समय नौकासन का अभ्यास करना फायदेमंद माना जाता है।

यदि आप शाम के वक्त नौकासन का अभ्यास करते हैं तो अभ्यास करने से 3 या 4 घंटे पहले कुछ ना खाएं।

यह सुनिश्चित करें कि आपका पेट खाली हो और आप फ्रेश हो चुके हो।

नौकासन के लिए सावधानियां (Precautions for Naukasana in Hindi)

  • योग करते समय शरीर पर किसी भी प्रकार का दबाव न डालें। ध्यान रखें कि आपने इस आसन को करने से पहले स्ट्रेचिंग या वार्म-अप किया है और आप गर्म हो चुके हो।

  • यदि इस आसन को करते समय आपको असुविधा या किसी भी तरह का दर्द महसूस हो, तो शरीर पर दबाव न डालें और आसान करना वहीं रोक दें।

  • यदि आप पहली बार आसन कर रहे हैं और आसन करते समय दर्द महसूस होता हैं, तो आसन न करें और योग शिक्षक की सलाह पर आसान को करें।

  • यदि आप किसी भी प्रकार की सर्जरी से गुजर चुके हैं या घुटने, हाथ, पैर या कूल्हे आदि की मांसपेशियों में चोट है तो को आसन न करें।

निष्कर्ष (Conclusion)

देखें, यह आसान बहुत ही आसान और सरल है। बस आपको निरंतर और नियमित रूप से इसका पालन करना है।

शुरुआती समय में, आसान को करने में समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन इसके निरंतर अभ्यास से आप इसमें महारत हासिल कर लेंगे।

मेरा विश्वास करो, आपको शुरुआती समय में एक योग शिक्षक की देखरेख में कोई भी आसन करना चाहिए।

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