कुक्कुटासन योग करने की विधि, लाभ और सावधानियां – Kukkutasana Steps And Benefits In Hindi

kukkutasana in hindi

kukkutasana in hindi:- कोरोना काल में आलस्य को दूर करने के लिए एक जबरदस्त आसन है, जो न सिर्फ शरीर से आलस्य दूर करेगा बल्कि लचीलापन, स्ट्रेंथ और मजबूती भी प्रदान करेगा।

जी हाँ, इस आसान का नाम कुक्कुटासन (kukkutasana) है। यह आसन शरीर के संतुलन को बनाए रखने में काफी लाभकारी है। साथ ही मांसपेशियों को मजबूत करने और मोटापा कम करने का उत्तम साधन है।

इस आसन का नाम कुक्कुटासन योगासन इसिलए पड़ा, क्योंकि इस आसन में शरीर एक मुर्गे की भांति नजर आता है यानि इस आसन में आपका शरीर मुर्गे की आकृति के समान दिखाई देता है।

इस आसन को करने के लिए नियमित और निरन्तर अभ्यास की जरूरत होती है।

इसलिए यही कारण है कि हम आपको इसके लाभ के साथ विधि भी बताएंगे, जिससे की आप इसे आसानी से कर सकें।

तो चलिए जानते है जानते है कुक्कुटासन योगासन – kukkutasana yoga in hindi

कुक्कुटासन योग क्या है – What is Kukkutasana in Hindi

कुक्कुटासन शब्द संस्कृत भाषा का शब्द है जो दो शब्दों से मिलकर बना है कुक्कुट + आसन।

कुक्कुट शब्द का अर्थ होता है मुर्गा और आसन शब्द का अर्थ होता है मुद्रा। यानि इस आसन को करते समय मनुष्य की आकृति एक मुर्गे के समान दिखाई देती है। इसीलिए इस आसन को कुक्कुटासन योगासन कहते है।

इस आसन को अंग्रेजी भाषा में ‘रोस्टर पोज’ भी कहते है। यह आसन करते समय पूरे शरीर को हाथों के बल उठाना होता है, जिससे की इसकी हाथों और कंधों के मांसपेशियों में ताकत बढ़ जाती है।

यह आसन करना थोड़ा सा मुश्किल है लेकिन निरंतर और  नियमित अभ्यास से आप बहुत ही जल्द इसे करना सीख सकतें है।

कुक्कुटासन योग करने का तरीका – Steps to do kukkutasana yoga in hindi

Steps to do kukkutasana yoga in hindi
Steps To Do Kukkutasana Yoga In Hindi

कुक्कुटासन की विधि बहुत ही सिंपल और सरल है। हाँ, इसे करना थोड़ा सा मुश्किल है पर निरंतर अभ्यास से आप बहुत ही जल्द सीख सकतें है। जो लोग कुक्कुटासन योग करने का सही तरीका ढूंढ रहे हैं, हमने उनके लिए यह लेख लिखा है।

तो बिना किसी देरी के आइये जानते है कुक्कुटासन योग की विधि – kukkutasana yog karne ki vidhi

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योग मैट बिछाकर किसी शांत मुद्रा में बैठ जाएँ, आप चाहे तो पद्मासन की मुद्रा में भी बैठ सकतें है।
  • इसके बाद अपने दोनों हाथों को अपनी थाई (Quotes) के बीच में रख लें। जैसा की ऊपर इमेज में दर्शाया गया है।
  • अगर ऐसा करने में आपको मुश्किलात का समना करना पड़ता है तो किसी विशेषज्ञ की सलहा अवश्य लें।

  • इस बात का ध्यान रखें कि आपका दाहिना हाथ (right hand) दाहिने जांघ व दाहिने पिंडी (Calf) के मध्य हो, इसी प्रकार आपका बायां हाथ (left hand) बाईं जांघ व बाईं पिंडी (Calf) के मध्य हो।

  • इसके बात अपने दोनों हाथो की हथेलियों को जमीन से चिपका लें।

  • अब चेहरा सामने और आंखों को किसी चीज पर गड़ा लें।

  • गहरी सांस लें, शरीर के संतुलन को बनाए रखें और हाथों के बल से पूरे शरीर को ऊपर उठाएं। जैसा की ऊपर इमेज  दर्शाया गया है।

  • ध्यान रखें की आपका पूरा वजन आपके हाथों पर हो।

  • कुछ सेकंड तक इसी मुद्रा में बने रहें और सामान्य रूप से सांस लेते और छोड़ते रहें।

  • फिर थकने के बाद अपने शरीर को relax करें, फिर इसी मुद्रा को दोबारा से दोहराएं।

  • इस आसन को लगभग 4 से 5 मिनट रोजाना करें।

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कुक्कुटासन के फायदे – Benefits of Kukkutasana in Hindi

kukkutasana ke labh अनेक हैं। इसके फायदों को देखते हुए आज हमने आपके लिए यह लेख लिखा है। अगर इस आसन को विधियों और सही तकनीक से किया जाए तो हमारे शरीर को कई फायदे मिल सकते हैं।

तो बिना किसी देरी के आइये जानते है कुक्कुटासन  के लाभ – kukkutasana ke fayde in hindi

हाथों और कंधों को बनाये  मजबूत (Strong to hands and shoulders)

यह आसान हाथों और कंधो को मजबूत बनाता है। कई योग विशेषज्ञो का कहना है कि यह हाथों और कंधों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के साथ-साथ उन्हें सही शेप में भी लाता है।

अगर आप अपनी मांसपेशियों को मजबूत बनाने के साथ-साथ उन्हें टोन करना चाहते है तो यह सबसे अच्छा आसन है। क्योंकि यह आसन करते समय आपकी बाजूओं पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है जोकि हाथों और कंधो को मजबूत बनाने में सहायक है।

इसके साथ ही शरीर में रक्त परिसंचरण को बढ़ावा मिलता है। जोकि हमारे ओवरआल शरीर में रक्त प्रवाह को बेहतर करता है।

पेट की चर्बी को कम करता है (Reduce Belly Fat)

यह आसन पेट की चर्बी को कम करने में सहायक है। दरसल, यह आसन करते समय पेट पर जोर पड़ता है, जो पेट की चर्बी को कम करता है। अगर आप ऐसा तरीका खोज रहे है जो पेट की चर्बी को आसानी से कम करें,

तो मेरी मानिये, आप इस आसन को एक बार जरूर try करें। क्योंकि यह बड़ी ही आसानी से पेट की चर्बी (belly fat) को कम करता है।

कई शोध से भी पाया है की kukkutasana Yoga Asana  पेट की मांसपेशियां टोन करने और अतिरिक्त चर्बी को घटाने में मदद करता है।

पाचन में सुधार करता है (Improve digestion)

यह आसन पाचन शक्ति में सुधार करता है। जिन लोगों को हमेशा पेट की समस्या या अपच की समस्या रहती है तो उन्हें यह आसन अपनाना चाहिए। क्योंकि यह आसन पेट से जुड़ी कई समस्याओं से निजात दिलाता है। 

यह आसन पेट से जुडी समस्याएं जैसी – अपच, कब्ज, गैस इत्यादि बिमारियों से छुटकारा दिलाता है।

दरअसल, यह आसन करने से पेट की मांसपेशियों पर जोर पड़ता है जो पेट में पाचन रस और एंजाइम के उत्पादन को बढाते है जिससे की अपच, कब्ज, गैस आदि बीमारियां दूर होती है।

हृदय स्वास्थ्य के लिए है अच्छा (For heart health)

यह आसन हृदय के स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा माना जाता है। दरअसल, यह आसन शरीर में रक्त परिसंचरण में सुधार करता है, जो हृदय के स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा है।

यह शरीर में रक्त के प्रवाह में भी सुधार करता है। इस अभ्यास से शरीर में शुद्ध रक्त का संचार होता है और हृदय रक्त को तेजी से पंप करता है।

कुक्कुटासन योग के अन्य फायदे – Kukkutasana Benefits in Hindi

  • यह आसन तनाव में कमी, चिंता और बेचैनी से राहत दिलाता है।

  • यह मासिक धर्म से परेशान महिलाओं के लिए भी मददगार है।

  • यह आसन छाती और फेफड़ो के लिए भी लाभकारी है।

  • यह मूलाधार चक्र को सक्रिय करने में मददगार है।

कुक्कुटासन योग के लिए बरतें ये सावधानियां – Precautions for Kukkutasana in Hindi

यह आसन करते समय कुछ सावधानियां बरतनी आवश्यक है वरना इसके फायदे के बजाए नुकसान उठाने पड़ सकतें है।ऐसा नहीं है की आप इसे बड़ी ही आसानी से कर लेंगे, 

इसमें सही टेक्निक और थोड़ी सावधानियां के साथ थोड़ा एकाग्रता भी लगती है।

तो नीचे देखते है kukkutasana Yog ke Liye Savdhaniya

  • यह आसन करते समय किसी प्रकार का दर्द एवं कठिनाई महसूस हो तो, यह आसान न करें।
  • अगर आपके हाथो या कंधे में चोट या सर्जरी हुई है तो आसन को न करे, एक बार किसी डॉक्टर की सलहा अवश्य लें।

  • अगर आप किसी भी तरह की हड्डी की समस्या से जूझ रहे हैं तो आसन न करें।

  • किसी प्रकार की कमर  दर्द की शिकायत है तो तो आसन को न करें।

  • गर्भवती महिलाएं इस आसन से दूर रहें।

  • एक योग विशेषज्ञ देख-रेख में ही आसन को करें।

  • अगर आपको पीठ दर्द, हर्निया, गैस्ट्रिक अल्सर जैसी बीमारियां है तो आसन को न करें।

  • अगर इस आसन को करते समय आपके कंधों या हाथों में दर्द हो रहा हो तो इस आसन को कुछ देर तक ना करें फिर जैसे जैसे आप इसे करते रहेंगे, दर्द कम होता रहेगा। बस इसे लगातार करें।

निष्कर्ष – Conclusion

दोस्तों इस आसन को शुरू के समय में करना थोड़ा मुश्किल होगा। वहीं इसके लगातार और नियमित अभ्यास से आप इसे कुछ ही दिनों में आसानी से कर पाएंगे।

अगर आपके पास कोई विशेषज्ञ है तो उसी देख-रेख में ही आसन को करें।

किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए, योग से जुड़ी सावधानियों का पालन अवश्य करें। उम्मीद है कि हमारा यह लेखः आपके लिए मददगार साबित होगा। इसी तरह, आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी वेबसाइट के साथ बने रहें।

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