गिलोय के फायदे (Giloy Juice Benefits in Hindi)

गिलोय के फायदे (Giloy Juice Benefits in Hindi)

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Giloy ke Fayde in Hindi

गिलोय, इस शब्द को आपने कई बार सुना होगा या गिलोय की बेल को आपने अपने आस-पड़ोस में देखा होगा। 

लोग इसका इस्तेमाल घरों को सजाने के लिए भी करते हैं, इसके बहुत सारे फायदे को देखते हुए लोग इसका इस्तेमाल करते है। आपने Giloy ke Fayde के बारे में अनेको बाते सुनी होंगी लेकिन यह तय है कि  गिलोय के बारे में इतनी जानकारी नहीं होगी, जितनी हम आपको बताने वाले है। 

गिलोय की पत्तियां पान के आकार की होती है । यह स्वाद में कड़वी व तीखी होती है। इसकी पत्तियां या बेल सेहत के लिए काफी अच्छी मानी जाती है, इसमें पर्याप्त रूप से प्रोटीन,कैल्शि‍यम और फॉस्फोरस पाया जाता है। जिसकी वजह से इसे स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा माना जाता है। 

इसका उपयोग कर स्वास्थ्य संबंधित बीमारियों को दूर किया जाता है।  इससे उल्टी,  हिचकी, सूखी खाँसी, बवासीर, बुखार, टीबी, कफ , वात-पित्त जैसे रोग दूर होते है।  गिलोय के बारे में आयुर्वेदिक ग्रंथों (Ayurvedic texts) बहुत सारी लाभकारी बातें बताई गई हैं।

गिलोय के फायदों के कारण इससे एनर्जी ड्रिंक भी बनाया जाता है। जो इम्यून सिस्टम को बूस्ट करता है, जोकि शारीरिक कमजोर महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी है।

गिलोय क्या है ? (What is Giloy in Hindi)

अंग्रेजी भाषा में गिलोय को टीनोस्पोरा कार्डीफोलिया कहा जाता है, जोकि एक बेल है। यह आमतौर पर बाग-बगीचों, मैदानों, सड़क के किनारे, जंगल, पार्क, ,इत्यादि में पाएं जाते है। 

यह कभी न सूखने वाली बेल होती है । इसका तना देखने पर रस्सी जैसा दिखाई देता है।  इसके पत्ते पान के आकार के और मटर के दाने जैसे दिखाई देता है। 

गिलोय की बेल एक ऐसी बेल होती है जो जिस भी वृक्ष पर चढ़ती है, उसके गुण अपने आप में ले लेती है।  तभी तो माना जाता है की नीम के पेड़ पर चढ़ी गिलोय की बेल स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है। 

आयुर्वेदाचार्यों (Ayurvedic Medicine) का कहना है कि गिलोय की बेल पेट के कीड़ों से लेकर उल्टी,  हिचकी, सूखी खाँसी, बवासीर, बुखार, टीबी, कफ , वात-पित्त जैसे नुकसानदायक बैक्टीरिया को ख़त्म करता है। 

गिलोय बेल ज्यादातर भारत, म्यांमार और श्रीलंका सहित उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है। इसे अन्य भाषाओ में – 

  • हिंदी में गिलोय
  • अंग्रेजी में टिनोस्पोरा
  • संस्कृत में  गुडूची
  • पंजाबी में  गिलोगुलरिच
  • मराठी में गुलवेल
  • गुजरती में गालो
  • कन्नड़ में अमृथावल्ली
  • तेलगु और तमिल में  तिप्पतीगे,शिन्दिलकोडि
  • मलयालम में अमृतु 

के नाम से जाना जाता है।

Giloy ke Fayde (Benefits of Giloy in Hindi)

Giloy ke Fayde गिलोय के फायदे

गिलोय के फायदे बहुत सी बीमारियों के लिए उपयोग किये जाते है। इससे छोटी बीमारियों से लेकर बड़ी बीमारियां ठीक की जाती है।  लेकिन कई बीमारियों में यह सेहत के लिए नुकसान भी डाल सकता है। इसलिए Giloy ke fayde के बारे में जानना जरूरी है। 

तो आइये जानते है  गिलोय के फायदे (Benefits of Giloy in Hindi)

  1. बुखार में मददगार है गिलोय
  2. आँखों के लिए फायदेमंद है गिलोय
  3. कान के गंद को साफ करता है
  4. टीबी रोग के लिए फायदेमंद है गिलोय
  5. उल्टी रोकने के लिए कारगर है गिलोय
  6. गिलोय के उपयोग से बवासीर का उपचार
  7. पीलिया रोग में फायदेमंद है गिलोय
  8. डायबिटीज में फायदेमंद है गिलोय का उपयोग
  9. मूत्र विकार की समस्या में गिलोय के लाभ
  10. फीलपाँव/ हाथीपाँव को ठीक करने में मददगार है
  11. पाचन में सुधार करता है
  12. गठिया में फायदेमंद है गिलोय
  13. इम्युनिटी को बढ़ाता है गिलोय
  14. तनाव से राहत दिलाता है गिलोय
  15. कैंसर के मरीजों के लिए फायदेमंद है गिलोय
  16. अस्थमा के रोगियों के लिए फायदेमंद है गिलोय
  17. लिवर डिसऑर्डर के लिए उपचार
  18. एनीमिया (Anemia) की समस्या को ठीक करता है
  19. श्वांस – प्रणाली की समस्याएं
  20. पिंपल्स और डार्क स्पॉट से छुटकारा

1. बुखार में मददगार है गिलोय (Giloy is helpful in fever)

गिलोय की मदद से बुखार को ठीक किया जा सकता है। गिलोय Chronic Fever या अन्य बीमारी से छुटकारा पाने के लिए मददगार है।

एक मिट्टी का बर्तन लेकर उसमे 40 ग्राम गिलोय को मसल कर रख दें और फिर रात को सोते समय 250ml पानी मिलाकर रातभर के लिए छोड़ दें। इसके बाद सुबह फिर से मसल कर और छानकर इसका प्रयोग करें।
-दिन में 20-20 ml करके 3 बार इसके प्रयोग से बुखार ठीक हो जाता है।

2. आँखों के लिए फायदेमंद है गिलोय

गिलोय आँखों के रोगों से राहत दिलाने में बहुत मदद करता हैं। इन दिनों Eye disorder होना काफी आम बात है।  बड़े हस्पतालो में पैसा खर्च करने के बजाए इस कम खर्च और घरेलू उपचार को आजमाकर देखिए। 

गिलोय आँखों के लिए मोतियाबिंद, कॉर्निया डिसऑर्डर और स्कलेरल जैसी समस्याओं को भी ठीक करता है।

इसे 10 से 11 ग्राम गिलोय के रस में 1 चमच शहद और 1 चमच सेंधा नमक मिलकर अच्छे से मिक्स कर लें।  इस मिश्रण को आँखों में काजल की भांति लगाएं। 

आँखों की रौशनी बढ़ाने के लिए बनाये काढ़ा

10 से 11 ग्राम गिलोय के रस में त्रिफला मिलाकर एक काढ़ा तैयार करें।  अब इस काढ़े में 1 ग्राम पिप्पली चूर्ण और शहद मिलाकर इस काढ़े को बनाये। 

इस काढ़े को सुबह और शाम पीकर आँखों की रौशनी बढ़ाये। 

3. कान के गंद को साफ करता है (Clean ear dirt)

 गिलोय के फायदे (Giloy ke Fayde) में एक फायदा यह है कि कान के गंद को साफ करने में मदद करता है। 

कई बार लोग इसे ईयर बड्स की मदद से साफ करने की कोशिश करते है, लेकिन कान के गंद को बहार निकलना काफी  मुश्किल प्रक्रिया का नाम है। 

इसके लिए एक आसान और स्वच्छ तरीका है जिससे हम बताने वाले है।

पानी में गिलोय के तने को घिसकर पानी को गुनगुना कर लें। इसकी 2-2 बूंद हर रोज दो बार डालने से कान की गंदगी निकल जाती है। 

कहीं न कहीं आपको लगता है कि इसे कान में डालना हमारे लिए हानिकारक होगा, लेकिन ऐसा नहीं है। 

गिलोय की इस विधि को कान में डालने से इसका कोई नुकसान नहीं होता है बल्कि यह आपके लिए फायदेमंद साबित होगा।

4. टीबी रोग में गिलोय के जूस से उपचार

गिलोय टीबी रोग को दूर करने में सहयक है। यह टीबी जैसे बिमारियों से निजात दिलाने में आपकी मदद करता है। इसके औषधीय गुण (Medicinal properties) टीबी को रोकने में सहायक है।

गिलोय में बराबर मात्रा में अतीस, पोहकरमूल, अश्वगंधा, दशमूल, बलामूल, अडूसा और शतावर को मिलकर एक काढ़ा तैयार करें। 

इस काढ़े को सुबह और शाम पीकर टीबी जैसे रोगो से मुक्ति पाएं।

5. उल्टी रोकने के लिए कारगर है गिलोय (Giloy Ke Fayde)

गिलोय उल्टी (Vomiting) को रोकने में कामयाब है, बल्कि इससे राहत दिलाने में भी मदद करता है। जिस किसी को भी एसिडिटी के कारण उल्टी (Vomiting) आनी शुरू होती है तो वह Giloy ke fayde ले सकता है। 

Giloy को इस्तेमाल करने के लिए इन चीजों की आवश्यकता पड़ती है –

  • गिलोय
  • कंटकारी
  • अडूसा की छाल
  • शहद

इन सभी चीजों को बराबर मात्रा में मिलाकर आधे लीटर पानी के साथ उबाले।  उबालने के बाद इसे छानकर एक काढ़ा तैयार करें। 

-ध्यान रखें की अंत में शहद को काढ़े में मिलाएं। 

6. बवासीर गिलोय के जूस से उपचार

गिलोय, बवासीर से निजात दिलाने में आपकी मदद करता है। बहुत से लोग इस बीमारी से छुटकारा पाना चाहते है।  इसके लिए वे कई प्रकार की दवाओं का भी इस्तेमाल करते है लेकिन वे इससे छुटकारा नहीं पा सकते है। 

यह बीमारी एक ऐसी बीमारी है, जिससे  जितनी जल्दी छुटकारा मिले, उतना ही हमारे लिए बेहतर है।

इसी को देखते हुए हमने गिलोय के फायदे (Giloy Ke Fayde) में एक काढ़ा तैयार किया है। 

इस काढ़े में हमे गिलोय,  धनिया के पत्ते, हरड़ की आवश्यकता पड़ती है।

इन सभी चीजों को बराबर मात्रा में मिलाकर आधे लीटर पानी के साथ उबाले।  उबालने के बाद इसे गुड़ के साथ सेवन करें। 

7. पीलिया होने पर गिलोय के फायदे

अगर आप या आपका परिचित पीलिया रोग से परेशान है और इससे छुटकारा पाना चाहते हैं तो गिलोय के रस का सेवन जरूर करें।

गिलोय का रस आपको या आपके परिचित को पीलिया रोग से छुटकारा पाने में मदद करेगा। 

गिलोय का उपयोग करने के लिए सबसे पहले 20-30 गिलोय के पत्ते  को अच्छी तरह पीस लें।

फिर इस पीसे हुए पेस्ट में एक गिलास छांछ को मिलाकर एक काढ़ा तैयार करें।

अंत में इस काढ़े को छानने के बाद सुबह के समय मरीज को पीला दे। 

दूसरा काढ़ा :-

दूसरा काढ़ा तैयार करने के लिए इन चीजों की आवशयकता पड़ती है –

एक लीटर गिलोय का रस

 250 ग्राम गिलोय का पेस्ट

चार लीटर गाय का  दूध

1 किलो  घी

इन सभी चीजों को लेकर धीमी आँच पर पकाएं। जब इसमें केवल घी दिखने लगे तब इसे छानकर रख लें। इसमें से 10 ग्राम लेकर, गाय के दूध में मिलाकर सुबह और शाम पीने से पीलिया रोग में बहुत लाभ होता है। 

8. डायबिटीज में फायदेमंद है गिलोय का उपयोग

जिन्हें डायबिटीज टाइप-2  (Type 2-Diabetes) की समस्या (Problem) है, उनके लिए गिलोय के रस का सेवन करना काफी महत्वपूर्ण है।

क्योंकि गिलोय में पाएं जाने वाला हाइपोग्लाईकैमिक तत्व ब्लड शुगर (Blood Suguar) लेवल को कंट्रोल करने में आपकी मदद करते है। 

अक्सर चिकित्सक (Doctor) द्वारा डायबिटीज के मरीजों को गिलोय के रस पीने की सलहा दी जाती है। आप मार्केट से किसी भी ब्रांड गिलोय का रस (Giloy ka Ras) खरीदकर इसका सुबह और शाम सेवन कर सकते हैं।

डायबिटीज के मरीजों के लिए घर पर तैयार काढ़ा –

3 ग्राम शहद में एक ग्राम गिलोय सत् को मिलाकर सुबह और शाम में पीने से डायबिटीज में लाभ मिलता है। 

हर रोज 10-20 ग्राम गिलोय के रस में 2 चम्मच शहद मिलाकर सुबह और शाम में पीने से डायबिटीज में फायदा मिलता है। 

9. मूत्र विकार होने पर गिलोय के फायदे

मूत्र विकार की समस्या में गिलोय का लाभ उठाया जा सकता है। पेशाब आने में समस्या, पेशाब की नली में होने वाली जलन या पेशाब करने में दर्द महसूस होना मूत्र विकार की समस्या होती है। 

इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए 10-20 ग्राम गिलोय रस में  2 ग्राम पाषाण भेद चूर्ण और 1 चम्मच शहद मिलाकर इस सुबह और शाम लेने पर मूत्र विकार की समस्या दूर होती है। 

दूसरा काढ़ा :-

1 ग्राम गिलोय के सत में 3 ग्राम शहद मिलाकर इसे सुबह और शाम लेने पर मूत्र विकार की समस्या दूर होती है। 

10. फीलपाँव/ हाथीपाँव को ठीक करने में मददगार है

गिलोय फीलपाँव/ हाथीपाँव को ठीक करने में बहुत सहायक है। यह एक ऐसी बीमारी है जो आम तो है लेकिन बहुत गंभीर समस्या है। इस बीमारी में लोगो के शरीर के अंग बुरी तरह से सूज जाते हैं।

इस समस्या से निपटने के लिए giloy का सेवन करना काफी मददगार साबित हो सकता है। इसके लिए आपको 10 से 20 ग्राम गिलोय के रस में 50MLबिटर ऑयल (Bitter Oil) मिलाकर सुबह खाली पेट पीने से फीलपांव, हाथी पांव से राहत मिल सकती है। 

11. पाचन में सुधार करता है गिलोय (Improves digestion)

गिलोय का एक सबसे महत्वपूर्ण लाभ ये भी है कि ये पाचन और पेट से संबंधित समस्याओं को ठीक करने में मददगार है। बहुत से लोगो को खाना अच्छी तरह से ना पचने की शिकायत रहती है या पेट से संबंधित समस्याओं से परेशान है तो वे चिंता न करें। 

उनके लिए एक काढ़ा तैयार किया गया है जिसको पीने से पाचन और पेट से संबंधित समस्याओं दूर होती है। 

गिलोय, अतीश और  =अदरक की जड़ को बराबर मात्रा में मिलाकर और साथ ही इसे उबालकर एक काढ़ा तैयार करें। 

रोज इस काढ़े को  20-30 ग्राम  लेकर सुबह खाली पेट पीने से पाचन और पेट से संबंधित समस्याएं दूर होती है। 

12. गठिया में फायदेमंद है गिलोय (Giloy is beneficial in arthritis )

माना जाता है क़ी गठिया में गिलोय फायदेमंद होता है।  क्यूंकि इसके अंदर पाएं जाने वाले एंटी ऑर्थराइटिक और एंटी इंफ्लेमेट्री गुण गठिया के मरीजों को ठीक करने में सहायक है। यह एक तरीके का ऑटो इम्यून गठिया होता है, जो गिलोय को नियमित रूप से पीने पर गठिया के  मरीजों को ठीक  कर सकता है।

गठिया के इलाज के लिए गिलोय के साथ अदरक को मिलाकर पीने की सलहा दी जाती है। जोड़ों के दर्द या किसी अन्य दर्द में गिलोय के तने को दूध के साथ उबालकर सुबह और शाम पीने से जोड़ों का दर्द मिटता है।

13. इम्युनिटी को बढ़ाता है गिलोय (Immunity Booster)

माना जाता है की गिलोय इम्युनिटी बढ़ाने में कारगर साबित हो सकता है। अगर कोई व्यक्ति लगातर बीमार रहता है तो, इसका कारण उसकी रोग प्रतिरोधक शक्ति या weak इम्युनिटी हो सकती है। 

यदि इस समस्या से जल्दी छुटकारा नहीं पाया गया तो यह एक परेशानी वाला सबक बन सकता है।

रोग प्रतिरोधक शक्ति या  इम्युनिटी  बढ़ाने के कई तरीके है, लेकिन आज हम जिस तरीके की बात करेंगे वो है गिलोय।  गिलोय न सिर्फ आपका पैसा और समय  बचाएगा बल्कि घर पर ही एक स्ट्रांग इम्युनिटी को बनाकर देगा। 

इसके लिए आप मार्किट से किसी अच्छे ब्रांड का गिलोय का जूस लेकर सुबह और शाम सेवन करने से weak इम्युनिटी, strong इम्युनिटी में बदल देगा। 

14. तनाव से राहत दिलाता है गिलोय (Giloy relieves stress)

गिलोय तनाव को कम करने में सहायक है। यदि आप गंभीर एंग्जाइटी और स्ट्रेस से गुजरे है तो आपको पता होगा की ये कितना दुखद अनुभव होता है। गिलोय दिमाग को शांत करने व ब्रेन मेमोरी (Brain Memory) को बूस्ट करने में कारगर है। 

गिलोय के रस का सुबह और शाम सेवन करने से तनाव (Stress Level)  कम होता है। और साथ ही एक हेल्थी लाइफस्टाइल जीने में मदद करता है। 

15. कैंसर के मरीजों के लिए Giloy ke fayde

आप सब जानते है की कैंसर कितनी बड़ी और कितनी खतरनाक बीमारी है।  इससे बचने के लिए गिलोय का इस्तेमाल भी किया जाता है। पतंजलि आश्रम  में कैंसर के रोगियों को गेहूँ की हरी पत्तियां के साथ  गिलोय को मिलकर सेवन कराया जाता है। इससे उन्हें बहुत लाभ मिलता है। 

10 ग्राम गेहूँ की हरी पत्तियां में 2 फुट लम्बी गिलोय लेकर थोड़ा-सा पानी मिलाकर पीस लें।  पीसने के बाद इसे कपड़े से निचोड़ कर सुबह खाली पेट पीने से cancer जैसे भयानक रोगो को ठीक होने में सहायता मिलती है। 

16. अस्थमा के रोगियों के लिए Giloy ke fayde

आजकल अस्थमा या दमा से पीड़ित लोग बहुत ही परेशान है और दिन प्रतिदिन इनकी संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।  अगर आपको या आपके किसी परिचित को अस्थमा या दमा  जैसी समस्या है तो उसे गिलोय की जड़ चबाने की सलाह दीजिये। 

क्योंकि गिलोय की जड़ चबाने से अस्थमा जैसी बीमारी दूर होती है इससे गले में घरघराहट, कफ , सीने का कड़ापन और सांस से जुड़ी समस्याओं में राहत मिलती है।

17. लिवर डिसऑर्डर के लिए उपचार (Treatment for liver disorder)

जब आप लिवर डिसऑर्डर के लिए दवाइयां खा-खा के थक चुके है तो इसके लिए एक कारगर तरीका है वो है गिलोय।  गिलोय के माध्यम से लिवर डिसऑर्डर जैसे बीमारी को ठीक किया जा सकता है।

गिलोय से संबंधित इस दवाई को बनाने के लिए 18 ग्राम गिलोय, काली मिर्च के दो बीज, 2 ग्राम धनिए के बीज और नीम की दो पत्तियां आदि की आवश्यकता पड़ती है। 

इन सभी चीजों को एक साथ पीसकर किसी मिट्टी के बर्तन में 250 ml पानी के साथ रखकर रात भर के लिए रख दें। अगले दिन इस मिश्रण को फिर से पीसे और छाने। 

 लिवर डिसऑर्डर के लिए आपकी दवाई तैयार है। 

इस उपचार को आप लगातर एक या दो महीने के लिए करके देखिये आपको लिवर डिसऑर्डर के लिए परिणाम जरूर मिल जायेगा। 

18. एनीमिया (Anemia) की समस्या को ठीक करता है

गिलोय के द्वारा एनीमिया (Anemia) जैसी समस्या को ठीक किया जा सकता है।  एनीमिया एक ऐसी बीमारी होती है जो शरीर में red blood cells की कमी के कारण पैदा होती है। इस समस्या में सांस फूलना, आलस, सुस्ती आदि शामिल है। 

इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए गिलोय का इस्तेमाल करें। गिलोय से बने काढ़े का सेवन करने से एनीमिया (Anemia) जैसी समस्या दूर होती है। 

19. श्वांस - प्रणाली की समस्याएं (Respiratory Problems)

गिलोय के द्वारा श्वांस – प्रणाली की समस्याएं दूर होती है। इस समस्या में साँस न आना , साँस फूलना, कफ आदि की probelm होती है। 

गिलोय के रस को सुबह शाम पीने से श्वांस – प्रणाली की समस्याएं दूर होती है। क्योंकि गिलोय में पाएं जाने वाले एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण साँस की समस्या को दूर करने में सहायक होते है। 

20. पिंपल्स और डार्क स्पॉट से छुटकारा

हर कोई पिंपल्स और डार्क स्पॉट से परेशान है। बढ़ती उम्र के साथ इसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं। चेहरे पर जैसे मानो झुर्रियां की तरह, महीन लाइन का बनना एक बड़ी समस्या है।

इसको ध्यान में रखते हुए एक इलाज ऐसा भी जो आजमाया और शत प्रतिशत ठीक है वो है गिलोय।  गिलोय न सिर्फ चेहरे से  पिंपल्स को हटाएगा बल्कि डार्क स्पॉट से छुटकारा पाने में भी मदद करेगा। 

गिलोय को कितनी मात्रा में पीना चाहिए ?

गिलोय एक प्राकृतिक तत्व है। गिलोय के फायदे अनेक है। इसके फायदे को देखकर लोग इसका सेवन करते है ताकि वह एक हैल्थी लाइफस्टाइल जी सके। आयुर्वेद के अनुसार, बताया गया है की एक व्यक्ति को दिन में 20 ग्राम अधिकतम गिलोय रस का सेवन कर सकता है।

इसी के चलते अगर कोई व्यक्ति गिलोय का जूस पीता है तो उसे 20 ml से ज्यादा गिलोय का जूस नहीं पीना चाहिए।

निष्कर्ष (Giloy ke Fayde )

अब, आपको पता ही चल गया होगा की Giloy ke Fayde अनेक है, और इसका सेवन करना स्वस्थ जीवन के लिए कितना जरूरी है। अगर आप गिलोय का अत्यधिक सेवन कर रहे है तो यह आपके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

क्योंकि किसी चीज को एक लिमिट में किया जाये तो तभी उसके फायदे को उठाया जा सकता है।  न कि किसी का अत्यधिक उपयोग करके।

अगर आपको भी गिलोय का सेवन करने के बाद फायदे हुए है, तो क्यों न हमे कमेंट के जरिये बताइये।


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