Gale me infection ke lakshan – गले में संक्रमण के लक्षण, कारण, घरेलू उपचार और परहेज

Gale me infection ke lakshan

Gale me infection ke lakshan : गले में संक्रमण कई तरह से हो सकता है। यह मौसम के बदलाव के कारण, सर्दी, जुकाम और धूम्रपान के कारण, जीवाणु संक्रमण के कारण हो सकता है। इस स्थिति में गले में दर्द, सूजन और जलन भी हो सकती है।

अगर इस बीमारी का समय रहते इलाज नहीं किया गया तो आपको कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इससे आपको खाना निगलने में मुश्किल और थूकने में भी मुश्किल हो सकती है। इसके साथ ही यह रूमेटिक फीवर जैसी समस्याओं को भी उजाकर कर सकता है जो हमारे हृदय के लिए बेहद खतरनाक है।

लेकिन आपको डरने की कोई बात नहीं है, अगर आप गले के संक्रमण के लक्षण जानते हैं और सही समय पर इसका इलाज करवाते हैं, तो आप 3-4 दिन के भीतर इस समस्या से ठीक हो सकते हैं।

आगे हमने इस लेख में गले में इन्फेक्शन क्या है? गले के संक्रमण के लक्षण, गले में संक्रमण के कारण और गले मे संक्रमण के उपचार भी बताएं है, तो आप अंत तक हमारे लेख को पूरा पढ़ें।

gale me infection ke lakshan aur gharelu upchar को जानने से पहले चलिए ये जान लेते है गले का इन्फेक्शन क्या है?

गले में इन्फेक्शन क्या है?

gale me infection होने का मुख्य कारण बैक्टीरिया और वायरस के आक्रमण से है। गले के दोनों तरफ टॉन्सिल होते हैं जो गले की रक्षा करते हैं, लेकिन जब बैक्टीरिया या वायरस इन टॉन्सिल पर हमला करते है तो throat infection जैसी समस्याएं उजागर होती है।

gale main infection ऊपरी श्वास नली (upper respiratory tract) की एक आम समस्या है। यह समस्या ज्यादातर मौसम परिवर्तन, दूषित जल, प्रदूषित वातावरण और  बैक्टीरिया संक्रमण से होता है। यह समस्या ज्यादातर छोटे बच्चों और उन लोगों में होती है जिनका इम्यून सिस्टम वीक (कमजोर) होता है।

अगर बात करें इसके प्रकारो की तो यह मुख्यतः तीन जगह को प्रभावित करता है।

  • ग्रसनीशोथ (Pharyngitis)

  • टॉन्सिलिटिस (Tonsillitis)

  • लैरींगाइटिस (Laryngitis

ग्रसनीशोथ (Pharyngitis)

ग्रसनीशोथ मुंह के ठीक पीछे के क्षेत्र को प्रभावित करता है।

टॉन्सिलिटिस (Tonsillitis)

यह टॉन्सिल की सूजन और लाली है, मुंह के पीछे नरम ऊतक को प्रभावित करती है।

लैरींगाइटिस (Laryngitis)

यह सूजन और लालिमा voice box को प्रभावित करती है।

गले के संक्रमण के लक्षण क्या है?

Symptoms of throat infection in hindi

Symptoms of throat infection in hindi : gale me kharash ke lakshan मौजूद हैं, जिन्हें देखने के बाद आसानी से पता लगाया जा सकता है कि कौन इस समस्या से पीड़ित हैं। कुछ खास लक्षण हमने नीचे बताए हैं, उन्हें पढ़ना न भूलें। अगर आपको अपने आप में ये लक्षण नजर आ रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

 कभी-कभी इनमें से कोई भी लक्षण गंभीर हो सकतें है। इसलिए जल्द से जल्द इसका इलाज कराएं।

तो चलिए जानते है gale me infection ke lakshan

  • बदन दर्द

  • सिरदर्द

  • पेट के निचले हिस्से में दर्द

  • खांसी बलगम  के साथ या सुखी खांसी

  • सांस लेने में कठिनाई 

  • निगलने में कठिनाई

  • सूखा गला या कंजेशन

  • बढ़े हुए लिम्फ नोड्स या टॉन्सिल

  • बुखार और ठंड लगना

  • भूख में कमी

  • जी मिचलाना

  • बोलने में कठिनाई

  • गले में लाल और सफेद धब्बे

  • गले में दर्द

जब आप कोई चीज निगलते हैं या बात करते हैं तो आपको अधिक गंभीरता महसूस होती है। आपका गला या टॉन्सिल लाल दिखने लगता है। कभी-कभी, टॉन्सिल पर सफेद धब्बे या मवाद के क्षेत्र बन जाते हैं। यह वायरस के होने वाले gale ke infection बिलकुल आम है।

गले में खराश के साथ-साथ आपको निम्नलिखित लक्षण भी हो सकते हैं:

  • बुखार

  • ठंड लगना

  • नाक बंद

  • नाक बहना

  • छींक

  • खांसी

  • गर्दन में सूजी हुई ग्रंथियां

  • निगलने में परेशानी

  • भूख में कमी

  • कर्कश आवाज

गले में इन्फेक्शन के कारण बताइएं?

throat Infection Causes in Hindi

throat Infection Causes in Hindi : गले में खराश के कारण संक्रमण से लेकर चोट तक हो सकतें हैं। यहाँ पांच सबसे आम गले में इन्फेक्शन के कारण हैं।

सर्दी-जुकाम और अन्य वायरल संक्रमण – Colds and other viral infections

सर्दी-जुकाम और अन्य वायरल संक्रमण लगभग 90 प्रतिशत gale me infection का कारण बनते हैं। गले में संक्रमण पैदा करने वाले वायरस में शामिल हैं –

  • आम सर्दी-जुकाम

  • कण्ठमाला का रोग

  • चिकनपॉक्स

एलर्जी – Allergies

किसी पदार्थ से एलर्जी या शुष्कता होने पर ये संक्रमण हो सकते है। यह आंखों से पानी, छींकने और गले में जलन जैसे लक्षण पैदा कर सकती है।

शुष्क हवा – Dry air

शुष्क हवा मुंह और गले से नमी चूस सकती है और उन्हें शुष्क और खरोंच का एहसास करा सकती है। सर्दियों के मौसम में जब हीटर चल रहा होता है तो हवा सबसे ज्यादा शुष्क होती है।

धुआं, तंबाकू और अन्य अड़चने  – smoke, tobacco and other irritants

हमारे आसपास कई अलग-अलग प्रकार के चेमिकल्स और अन्य पदार्थ गले में जलन पैदा कर सकते है। इनमे शामिल हैं –

  • सिगरेट और अन्य तंबाकू का धुआं

  • वायु प्रदूषण

चोट लगने के कारण – due to injury

गले में चोट लगने या भोजन का कोई टुकड़ा गले में फंस जाने से भी गले में जलन हो सकती है।इसके साथ ही लंबे समय तक चिल्लाने, जोर से बात करने या गाने के बाद के बाद भी गले में खराश जैसी समस्याएं हो सकती है।

इलाज : Gale me infection ka ilaj in hindi

ज्यादातर गले मे खराश का उपचार आप घर पर ही कर सकते हैं। अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को संक्रमण से लड़ने का मौका देने के लिए भरपूर आराम करें। गले में खराश के दर्द से छुटकारा पाने के लिए आप gale me chale home remedies को आजमा सकते हैं।

गले के इन्फेक्शन की समस्या को दूर करने के लिए अपनाये ये उपाय :-

  • गर्म पानी और 1/2 से 1 चम्मच नमक के मिश्रण से गरारे करें।

  • गर्म चीजों का सेवन करें जो गले के लिए आरामदायक हो। जैसे गर्म चाय, सूप, नींबू के साथ गर्म पानी और हर्बल चाय विशेष रूप से गले के इन्फेक्शन से लड़ने में मदद करता है।

  • अपनी आवाज को तब तक आराम दें जब तक आपका गला बेहतर महसूस न करें।

  • हल्दी वाला दूध लें। यह नुस्खा सर्दी के साथ-साथ गले के संक्रमण को भी ठीक करने में मदद करता है। इसके अलावा यह सूजन और दर्द को कम करने में भी मदद करता है।

  • अपने गले में बैक्टीरिया को मारने के लिए सेब साइडर सिरका का प्रयोग करें। क्योंकि सेब के सिरके में अम्लीय गुण होते हैं, जो गले में स्थित बैक्टीरिया को मारते हैं।

  • आइसक्रीम जैसी ठंडी ट्रीट खाकर अपने गले को ठंडा करें।

फोटो – infection gale photos

गले में इंफेक्शन की रोकथाम कैसे करें?

आमतौर पर हमारे नजदीकी डॉक्टर गले के संक्रमण के लिए लगभग 10 दिनों तक एंटीबायोटिक दवा लिखते हैं। जिससे हमें 24 घंटे के अंदर बुखार नहीं आता और न ही यह संक्रमण होता है।

दूसरे और तीसरे दिन तक गले के लक्षण भी कम होने लगते हैं। जब बच्चा इस संक्रमण से बचकर बेहतर महसूस करता है तो तब ही उसे एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करना चाहिए। क्योंकि हानिकारक बैक्टीरिया को मारने का यह सबसे अच्छा तरीका है। अन्यथा, बैक्टीरिया गले में रह सकते हैं और लक्षण वापिस आ सकतें है।

throat infection को दूसरों तक फैलने से रोकने के लिए आप इन चीजों को आजमा सकते हैं।

  • अपने बच्चे के खाने के बर्तन और पीने के गिलास को अलग रखें और प्रत्येक उपयोग के बाद उन्हें गर्म, साबुन के पानी से धो लें।

  • सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भोजन, पेय, नैपकिन, रूमाल और तौलिये को साझा न करें।

  • उनको याद दिलाएं की  हाथों को अच्छी तरह और बार-बार धोना चाहिए।

  • एंटीबायोटिक उपचार शुरू होने के बाद अपने बच्चे को एक नया टूथब्रश दें।

  • घर को साफ रखें और अपने बच्चे को सभी छींक या खांसी को ढंकना सिखाएं।

  • सैनिटाइजर उपयोग करें।

गले के इन्फेक्शन की संभावित जटिलताएं क्या हैं?

कई डॉक्टरों का कहना है कि बैक्टीरिया या वायरल संक्रमण के कारण संभावित जटिलताएं भी हो सकती हैं। हालांकि, अगर इसका इलाज नहीं किया जाता है तो आपको इन जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है।

ये निम्नलिखित जटिलताएं आपके संक्रमण को बढ़ा सकती हैं। इनमे शामिल है –

  • साइनसाइटिस का संक्रम

  • मास्टोइडाइटिस का संक्रम

  • स्कार्लेट ज्वर

  • गुटेट सोरायसिस

डॉक्टर से कब सलाह लेनी चाहिए?

वैसे तो वायरल संक्रमण के कारण होने वाले गले का इन्फेक्शन दो से सात दिनों के भीतर ठीक हो जाता है। फिर भी कुछ स्थितियों में आपको डॉक्टर से सलहा लेनी चाहिए।

  • गंभीर गले में दर्द

  • निगलने में परेशानी

  • थूकने में कठिनाई

  • सांस लेने में परेशानी , या सांस लेते समय दर्द

  • अपना मुंह खोलने में कठिनाई

  • जोड़ों में दर्द

  •  बुखार 101 डिग्री 

गले के इन्फेक्शन से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

गले में संक्रमण क्यों होता है?

Throat infection का मुख्य कारण बैक्टीरिया और वायरस के आक्रमण के कारण होता है। गले के दोनों तरफ टॉन्सिल होते हैं जो गले की रक्षा करते हैं, लेकिन जब बैक्टीरिया या वायरस इन टॉन्सिल पर हमला करते हैं तो गले में संक्रमण जैसी समस्याएं सामने आती हैं।

गले का इन्फेक्शन कैसे ठीक होता है?

नमक के पानी से गरारे करें। इसके लिए गर्म पानी और 1/2 से 1 चम्मच नमक के मिश्रण से गरारे करें। इसके अलावा आपको गर्म चीजों का सेवन करना चाहिए, जो गले के लिए आरामदायक हों।

जैसे गर्म चाय, सूप, नींबू के साथ गर्म पानी और हर्बल चाय विशेष रूप से गले के संक्रमण से लड़ने में मदद करती है।

गले में दर्द होने पर कौन सी टेबलेट ले?

आमतौर gale me infection ki tablet के लिए डॉक्टर्स एस्पिरिन, इबुप्रोफेन और एसिटामिनोफेन नामक दवाएं लेने की सलहा देते है। लेकिन फिर आप आप अपने नजदीकी डॉक्टर से सलहा लें।

गले के कैंसर की पहचान कैसे होती है?

Throat cancer – गले के कैंसर के लक्षण –

  • गले में कफ या खराश

  • मूत्र के माध्यम से रक्त बाहर निकलता है

  • आवाज में बदलाव आना

  • निगलने की समस्या

  • दर्द महसूस होना

  • सांस लेने में परेशानी होना

और अधिक जानने के लिए आप हमारे गले के कैंसर के लक्षण का लेख पढ़ सकतें है।

गले में दर्द हो तो क्या करें?

गले में दर्द हो तो आप शहद और हल्दी वाला दूध का इस्तेमाल कर सकतें है। इसके आलावा आप एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन भी कर सकतें है।

निष्कर्ष – Conclusion

Gale mein infection आमतौर पर एक वायरस के कारण होता है। अक्सर, यह उन वायरसों में से एक होता है जो सामान्य सर्दी का कारण बनते हैं, जैसे कि राइनोवायरस (Rhinovirus),  एडेनोवायरस (adenovirus), इन्फ्लूएंजा वायरस (influenza virus) और रेस्पिरेटरी सिंकाइटियल वायरस (respiratory syncytial) 

 एक तिहाई से भी कम लोगों में गले में संक्रमण एक बैक्टीरियल इन्फेक्शन के कारण होता है। आमतौर पर 5 साल से 15 साल की उम्र के बच्चों में यह संक्रमण होता है। 3 साल से कम उम्र के बच्चों में यह संक्रमण बहुत ही कम होता है।

आप एक बार में कई हफ्तों तक गले के संक्रमण के लक्षणों का अनुभव कर सकते हैं। यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि यदि गले के जीवाणु संक्रमण के उपचार के दौरान ये लक्षण कम हो जाते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि संक्रमण चला गया है।

आपको निर्देशानुसार अपनी दवा जारी रखनी चाहिए। अगर इनमें से कोई भी लक्षण गंभीर हो जाता है जैसे सांस लेने में तकलीफ, तेज बुखार हो तो तुरंत आप अपने नजदीकी डॉक्टर से सलाह लें।

आशा करता हूँ की अब आप gale ki allergy ke lakshan जान गए होंगे। अगर आप sore throat in hindi से संबंधित सही जानकारियां हासिल करना चाहते है तो एक बार हमारे लेख पर नजर डालें।

अगर आपको gale me kharash ke lakshan के लेख से संबंधित कोई सवाल या सुझाव है तो हमे कमेंट के जरिये जरूर बताएं।

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2 thoughts on “Gale me infection ke lakshan – गले में संक्रमण के लक्षण, कारण, घरेलू उपचार और परहेज”

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