Dexona Tablet in Hindi – इसके लाभ, उपयोग और नुकसान की विस्तृत जानकारी

दोस्तों डेक्सोना एक ऐसी टेबलेट जिसके बारे में शायद बहुत कम लोग जानते हो। लेकिन यह टेबलेट ज्यादातर डॉक्टर द्वारा प्रिसक्रिप्सन पर लेकर ही दी जाती है । इस टेबलेट को आप बिना किसी डॉक्टर के प्रिसक्रिप्शन से मेडिकल स्टोर से नहीं खरीद सकते हैं। यह दवा बहुत ही कारगर है। डेक्सोना टेबलेट को zydus geo कंपनी बनाती है। इसका इस्तेमाल वजन बढ़ाने डायबिटीज कम करने और इसके अलावा कई सारे रोगों के इलाज के लिए उपयोग जाता है। आपको बता दें डेक्सोना सिर्फ टेबलेट ही नहीं बल्कि इंजेक्शन भी है। जो सभी मेडिकल स्टोर में उपलब्ध है। आइए अब आपको डेक्सोना टेबलेट के बारे में विस्तृत जानकारी देते हैं।

डेक्सोना टेबलेट क्या है

डेक्सोना टेबलेट स्टेरॉइड्स नामक दवा की श्रेणी में आती है। इसका उत्पाद झंडू कंपनी द्वारा किया जाता है । यह मुख्य रूप से dexamethasone टेबलेट आईपी के नाम से जानी जाती है। जिसका साधारण नाम डेक्सोना है। डेक्सोना टेबलेट मेडिकल स्टोर में आपको ₹3 प्रति टेबलेट मिल जाएगी । यह दवा 0. 5mg से लेकर 2 एमजी की मात्रा तक मिल जाएगी।

डेक्सोना टेबलेट इस्तेमाल करने की विधि

डेक्सोना टेबलेट बहुत से रोगों में काम आने वाली दवा है। यह दवा रोगी की उम्र एवं रोग को देखते हुए डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन के रूप में देता है। डॉक्टर द्वारा बताए गए खुराक से इस का दवा इस्तेमाल करनी चाहिए। एक सामान्य व्यक्ति को यह दवा डॉक्टर द्वारा एक टेबलेट सुबह एक टेबलेट शाम को दी जाती है । डेक्सोना टेबलेट का इस्तेमाल शराब पीकर बिल्कुल भी ना करें। डेक्सोना टेबलेट हमेशा डॉक्टर के परामर्श द्वारा ही लें।

डेक्सोना टेबलेट के फायदे

इस दवा के फायदे की बात की जाए। तो डेक्सोना टेबलेट के हमें कई अनेक फायदे देखने को मिलते हैं ।जो निम्न प्रकार हैं।

एलर्जी से बचाती है।

अगर आपको किसी प्रकार की एलर्जी है । या फिर एलर्जी के कारण बार बार छींक आना, जुखाम होना और त्वचा में जलन जैसी महसूस होती है । तो इस समस्या को दूर करने के लिए आप डेक्सोना टेबलेट ले सकते हैं । चिकित्सक द्वारा एलर्जी होने की समस्या में कई बार डेक्सोना टेबलेट का उपयोग परामर्श के रूप में दिया जाता है। इस टैबलेट के सेवन से एलर्जी की समस्या कुछ ही दिनों में समाप्त हो जाती है।

कैंसर के उपचार में उपयोगी

कैंसर जैसी गंभीर बीमारी किसी भी व्यक्ति को हो सकती है। आम भाषा में कहें तो कैंसर बढ़ी हुई चर्बी कोशिकाओं की गांठ होती है। आज के दौर में कैंसर का इलाज मुमकिन है। कैंसर उपचार में कई सारी दवाइयां उपयोग की जाती हैं। कैंसर होने से कई बार रोगियों को बाल झड़ने की समस्या होती है। व्यक्ति गंजेपन का शिकार होता है। कैंसर उपयोगी रोगी के लिए डॉक्टर डेक्सोना टेबलेट का उपयोग करते हैं। डेक्सोना की दवा में डेक्सामीथेजोन मुख्य रूप से उपस्थित होती है। जो कैंसर उपयोगी के लिए महत्वपूर्ण है।

दमा रोग के लिए फायदेमंद

अस्थमा जिसे आम भाषा में दमा कहा जाता है। यह एक स्वांस संबंधी यानी सांस से जुड़ी बीमारी होती है। जिससे सांस लेने में कठनाई होती है। अधिक शारीरिक क्रिया करने से भी सांस लेने में कठिनाई होती है । इतना ही नहीं सांस भी फूलने लगती है। इससे अस्थमा अटैक कहते है ऐसी बीमारी से सीने में जकड़न होती है दमा एक इन्फ्लेमेटरी बीमारी है। इसके उपचार के लिए एंटीसिमेट्री दबाव का उपयोग किया जाता है । साथ संबंधित रोगी के लिए डॉक्टर डेक्सोना टेबलेट का उपयोग करते हैं।

आंखों के रोगी को लिए

दृष्टिहीनता, मोतियाबिंद आंखों से जुड़ी बीमारी के उपचार के लिए डेक्सोना टेबलेट का उपयोग किया जाता है। 12 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को अगर आंखों से जुड़ी समस्या है। तो उसे डिक्शन डेक्सोना टेबलेट का उपयोग करना चाहिए।

चर्म रोग के लिए उपयोगी

चर्म रोग एक ऐसी संक्रमण बीमारी है। जिससे त्वचा संबंधित कोई भी समस्या हो सकती है। उदाहरण के लिए अगर आपकी त्वचा में किसी प्रकार के दाने, सफेद पपड़ी है तो आप चर्म रोग मान सकते हैं । ऐसी त्वचा विकारों को ठीक करने के लिए डेक्सोना टेबलेट का उपयोग किया जाता है।

अर्थराइटिस की समस्या में लाभकारी

अर्थराइटिस जिसे आम भाषा में गठिया रोग भी कहा जाता है। इसकी समस्या होने पर जोड़ों में सूजन एवं गांठ पड़ने जैसी समस्या हो जाती है। सामान्य तौर पर गठिया रोग होने की समस्या 50 वर्ष से अधिक व्यक्तियों में ज्यादा दिखती है। इसमें पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल होते हैं। परंतु कई बार युवा इस समस्या से भी ग्रसित हो जाते हैं। अर्थराइटिस उपचार के लिए कई दवाओं का उपयोग किया जाता है। जिनमें आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवा भी शामिल होती है । आप घरेलू उपचार से भी गठिया रोग से आराम पा सकते हैं। चिकित्सकों द्वारा गठिया रोग की समस्या होने पर डेक्सोना टेबलेट ही दी जाती है।

डेक्सोना टैबलेट का सेवन कैसे करें

डेक्सोना टेबलेट का सेवन की मात्रा आपकी आयु वजन और रोग की स्थिति पर निर्भर करती है। साधारण व्यक्ति की बात की जाए तो आमतौर पर 2 एमजी की दवा को दिन में तीन से चार बार 7 दिन की अवधि में सेवन करना चाहिए। इसके अलावा आप नजदीकी चिकित्सक से सलाह ले सकते हैं।

डेक्सोना टेबलेट के नुकसान

हर दवा के कुछ फायदे होते हैं। तो कुछ नुकसान भी होते हैं। इसी प्रकार डेक्सोना टेबलेट के फायदे बहुत अधिक हैं। पर इसके नुकसान कम नहीं हैं। डेक्सोना टेबलेट के अधिक सेवन से क्या नुकसान सकते हैं आइए जानते है।

इस दवा का अधिक सेवन करने से हड्डी का पतन मोतियाबिंद, त्वचा में जलन, एलर्जी , खुजली , जलन होना, धुंधली दृष्टि, पेट में दर्द होना, उच्च रक्तचाप बढ़ जाना, आंख का लाल होना , चक्कर आना , शुगर लेवल हाई हो जाना, हृदय रोग, डिप्रेशन , लिवर डैमेज , टीवी रोग आदि समस्याएं हो सकती है।

डेक्सोना टेबलेट उपयोग करते समय ये सावधानियां बरतें

1 डेक्सोना टेबलेट का उपयोग करते समय आपको यह ध्यान रखना होगा कि आपको शुगर , एलर्जी टीवी, लीवर हृदय रोग ,डिप्रेशन , मोतियाबिंद आदि रोग तो नहीं है अगर इस प्रकार के रोग आपको पहले से हैं तो डेक्सोना टेबलेट का सेवन बिल्कुल भी ना करें।

2 डेक्सोना टेबलेट का उपयोग गर्भवती महिलाओं को बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए अगर डॉक्टर सलाह दें तभी इसका उपयोग करें।

3- स्तनपान कराने वाली महिलाओं को डेक्सोना टेबलेट का उपयोग डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए।

4 अगर आप किसी प्रकार का नशा या धूम्रपान करते हैं। तो आपको इस टेबलेट के सेवन से बचना चाहिए।

5 अगर आपकी पहले से कोई दवा चल रही हो तो आपको डेक्सोना टैबलेट का सेवन नहीं करना चाहिए।

डेक्सोना टेबलेट से जुड़े पूछे जाने वाले सवाल

क्या डेक्सोना टेबलेट का असर गुर्दे पर होता है

डेक्सोना टेबलेट लेने पर इसके दुष्प्रभाव महसूस हो सकते हैं। डेक्सोना के अधिक सेवन से गुर्दे पर प्रभाव पड़ता है।

क्या हृदय पर डेक्सोना का प्रभाव पड़ता है?

डेक्सोना के परिणाम आपके हृदय के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है। इसलिए हृदय रोगी डेक्सोना टेबलेट का सेवन तभी करें जब चिकित्सक सलाह दे।

डेक्सोना इंजेक्शन क्यों दिया जाता है?

डेक्सोना इंजेक्शन स्टेरॉइड्स नामक दवाओं के समूह से संबंधित है। इसका इस्तेमाल विभिन्न रोगों और समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है।

डेक्सोना इंजेक्शन का प्राइस कितना है?

डेक्सोना इंजेक्शन का प्राइस ₹104 है।

डेक्सोना इंजेक्शन कैसे दिया जाता है?

डेक्सामेथासोन इंजेक्शन पाउडर के रूप में आता है। इसे तरल पदार्थ के साथ मिलाया जाता है जैसे पानी ,फिर इसे रोगी के मांसपेशियों में इंजेक्ट कर दिया जाता है। यह व्यक्ति के रोग पर निर्भर करता है कि उसे कितनी मात्रा में देना है।

डेक्सोना 4mg इंजेक्शन क्या है?

डेक्सोना 4mg इंजेक्शन अनिवार्य रूप से ट्राई जैमिनल न्यूराल्जिया के साथ-साथ डायबिटीज न्यूरोपैथी जैसे नर्व दर्द का इलाज करता है। इसके अलावा डेक्सोना दवा भी प्रभावी ढंग से बाइपोलर विकार में इलाज करती है। डेक्सोना 4 एमजी इंजेक्शन 1nt कॉर्नवेल सेंट के रूप में काम करता है। यह मस्तिक में असमान नर्वस सिस्टम की घटनाओं को कम करता है। जैसे दौरे आना , तीव्र दर्द जैसे गंभीर बीमारी हो सकती है। डेक्सोना 4 एमजी इंजेक्शन का प्रभाव काफी धीमा है। इससे कुछ दुष्प्रभाव भी होते हैं। आप की हालत में सुधार के लिए कुछ हफ्ते या उससे अधिक समय लग सकता है। इस दवा को हमेशा निर्धारित समय पर ही दिया जाता है। डेक्सोना 4 एमजी इंजेक्शन अगर खुद ले रहे हैं। तो पहले अपने डॉक्टर से जरूर परामर्श कर लेना चाहिए। क्योंकि डेक्सोना इंजेक्शन हृदय से पीड़ित व्यक्ति थायराइड की समस्या, लुपस , मानसिक बीमारी, किडनी की समस्या से पीड़ित व्यक्ति के लिए नुकसानदेह है। गर्भवती महिलाओं को डेक्सोना 4 एमजी इंजेक्शन से बचना चाहिए।

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