Bawaseer ka Gharelu ilaj – बवासीर के लक्षण, कारण, घरेलू इलाज और दवाएं

Bawaseer Ka Gharelu Ilaj

Bawaseer Ka Gharelu Ilaj : हेलो दोस्तों क्या आप जानना चाहते हैं कि बवासीर का इलाज क्या है?  हाँ, तो हमारे लेख को पूरा पढ़ें। अक्सर लोग मुझसे बवासीर के घरेलू उपाय बताने के लिए कहते हैं? देखें बवासीर के घरेलू उपाय संभव हैं। बस आपको दिए गए सुझावों का नियमित और निरंतर रूप से पालन करना होगा।

बवासीर एक ऐसी बीमारी है जिसमें दर्द होता है। इस रोग में रोगी को मल त्याग करने में बहुत परेशानी होती है और बहुत दर्द भी होता है। इस रोग में असहनीय पीड़ा, काँटेदार चुभन, घाव और जलन आदि गंभीर समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है।

इसीलिए हमने इस लेख में बवासीर के लक्षण और बचाव के साथ-साथ bawaseer ka gharelu upchar भी बताएं है, तो कृपया हमारे लेख को अंत तक पढ़ें।

बवासीर क्या हैं?

Bawaseer Ka gharelu Ilaj बहुत जरूरी है। यह एक गंभीर बीमारी है, जो शरीर के निचले हिस्से में गुर्दे के मलाशय की सूजन के कारण होता है। इस बीमारी के दौरान मल त्याग करने में काफी दिक्कत होती है और दर्द भी महसूस होता है। कई बार इस बीमारी के कारण  मल त्याग के दौरान खून भी आ जाता है।

आजकल बहुत से लोग इस बीमारी से परेशान हैं। कुछ लोगों को यह बताते हुए शर्म आती है कि उन्हें बवासीर है। यह कोई गुप्त रोग नहीं है, यह एक आम बीमारी है, जो किसी को भी हो सकती है। बवासीर शरीर के निचले हिस्से में गुर्दे के मलाशय की सूजन के कारण होता है। इस बीमारी की कारण आंतरिक रक्तस्राव होता है, जो बहुत ही दर्दनाक होता है।

बवासीर के प्रकार क्या हैं?

बवासीर आमतौर पर दो प्रकार की होती है-

  • आंतरिक बवासीर
  • बाहरी बवासीर

आंतरिक बवासीर में मल त्याग के दौरान मल के साथ रक्त भी आता है। और बाहरी बवासीर में गुदा के आसपास के क्षेत्र में सूजन आ जाती है।

आइये आगे जानते है बवासीर के लक्षण और बवासीर का इलाज क्या है?

बवासीर के लक्षण क्या है?

आंतरिक बवासीर के लक्षण बहुत कम देखे जाते हैं। क्योंकि आंतरिक बवासीर के लक्षणों को महसूस नहीं किया जा सकता है। जब तक की इसकी स्थिति में इजाफा न हो। आंतरिक बवासीर वाले बहुत से लोगों को यह भी नहीं पता होता है कि उन्हें बवासीर है। यदि आपको आंतरिक बवासीर हैं, तो आप टॉयलेट पेपर पर, मल या शौचालय में खून के धब्बे देख सकते हैं।

बाहरी बवासीर के लक्षणों में शामिल हैं –

  • गुदा में खुजली होना, बवासीर के लक्षण है।
  • गुदा के पास सख्त गांठ जो दर्द या कोमल महसूस होती है।
  • Bawaseer के रोगी का मुख्य लक्षण रक्तस्राव होता है।
  • गुदा में दर्द, खासकर जब आप बैठते हो।
  • बवासीर के रोगी के मलाशय के पास सूजन के साथ खून जमा हो जाएगा।
  • Bawaseer के रोगी को मलाशय में दर्द के साथ-साथ तेज खुजली होती है।
  • बवासीर के रोगी के टॉयलेट पेपर या मलाशय में खून दिखाई देता है। यदि बवासीर के रोगी को बाहरी बवासीर है तो उसके मलाशय में खून मिलेगा और यदि बवासीर के रोगी को आंतरिक बवासीर है तो उसका शौचालय के कागज(टॉयलेट पेपर) या पॉट में खून होगा।

बवासीर के कारण क्या है?

पाइल्स होने के कई कारण हो सकते हैं। जिसका मुख्य कारण असंतुलित आहार, कब्ज, एक ही स्थान पर लंबे समय तक बैठे रहना, ज्यादा तला-भुना खाना, ज्यादा देर तक गाड़ी चलाना, मोटापा, कम पानी पीना, देर रात सोना, शराब पीना, ज्यादा उपवास करना, ज्यादा तनाव लेना और  कभी-कभी बवासीर वंशानुगत भी हो सकता है।

आइये जानते है इसके कुछ ओर कारणों के बारे में।

  • मल त्याग के दौरान तनाव
  • पुरानी कब्ज या दस्त
  • वंशानुगत होना
  • लंबे समय तक बैठे रहना, खासकर शौचालय में
  • गुदा मैथुन करना
  • गर्भवती होना
  • भरी वजन उठाना
  •  मोटापा
  • 50 वर्ष से अधिक आयु होने के कारण

बवासीर का घरेलू इलाज क्या है?

बवासीर का घरेलू इलाज

Bawaseer Ka Ilaj बहुत जरूरी है। आमतौर पर बवासीर अपने आप ठीक हो जाता है। दर्द और रक्तस्राव जैसे लक्षण एक सप्ताह या उससे थोड़ा अधिक समय तक रह सकते हैं। पूर्ण निवारण के लिए नीचे दिए गए bawaseer ke gharelu upchar को फॉलो करें।

आइए जानते हैं बवासीर का इलाज हिंदी में।

  • पके केले को उबालकर खाने से बवासीर ठीक हो जाती है। केले का सेवन दिन में दो बार करें। यह बवासीर को ठीक करने का सबसे अच्छा घरेलू उपाय है।
  • बवासीर में दर्द के साथ जलन भी होती है, इसके लिए आपको बेर का सेवन करना चाहिए। बेर जलन को दूर करता है।
  • बवासीर के रोगी को तिल के लड्डू का सेवन करना चाहिए।
  • एक कटोरी दही में एक चम्मच सरसो का पाउडर मिलाकर खाने से बवासीर (Hemorrhoids) जल्दी ठीक हो जाती है।
  • बवासीर के रोगी को चुकन्दर, पालक और गाजर का रस 3 से 4 महीने तक लगातार सेवन करना चाहिए।
  • गर्म जैतून के तेल को सूजन वाली जगह पर लगाने से भी बवासीर में आराम मिलता है।
  • करेले के हरे पत्ते लें और उनका रस निकाल लें। अब इस रस को किसी छलनी या किसी महीन सूती कपड़े में छानकर पी लें। बवासीर के मरीजों के लिए यह नुस्खा बहुत फायदेमंद है।
  • मूली को काट कर उसका रस निकाल लें। अब इस जूस का आधा से एक कप रोजाना पिएं। मूली का रस बवासीर को ठीक करने के साथ-साथ बवासीर के दर्द से भी छुटकारा दिलाता है। 
  • बवासीर के रोगी को जामुन का सेवन सुबह के समय नमक के साथ करना चाहिए।
  • मीठा नीबू, पुदीना, शहद और अदरक का मिश्रण बनाकर खाएं। इस मिश्रण का सेवन करने से बवासीर में काफी आराम मिलता है।

bawaseer ke liye gharelu upchar –

  • बवासीर के रोगियों को गेंहू के ज्वारे का जूस पीना चाहिए। गेंहू के ज्वारे का जूस बवासीर के साथ-साथ और भी कई बीमारियों के इलाज में कारगर साबित हुआ है।
  • लस्सी, नमक और नींबू भी बवासीर को ठीक करने में सहायक हैं। इसके लिए आप एक गिलास लस्सी में एक चुटकी नमक और एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर इसका लाभ उठा सकते हैं।
  • जीरा को हल्का भून कर उसका पाउडर बना लें. अब इस चूर्ण को पानी में मिलाकर पी लें। बवासीर में यह नुस्खा बहुत कारगर है।
  • आधा चम्मच दालचीनी में दो चम्मच शहद मिलाकर पीने से बवासीर में लाभ होता है।
  • इमली के फूलों का रस पीने से भी बवासीर में आराम मिलता है।
  • बड़ी इलायची को भून कर उसका पाउडर बना लें. अब इस चूर्ण को सुबह-शाम पिएं।
  • रोजाना सुबह केला खाने से भी बवासीर ठीक हो जाता है।
  • बवासीर में जलन को दूर करने के लिए एलोवेरा काफी फायदेमंद साबित होता है।
  • प्याज के रस में एक चुटकी चीनी मिलाकर पीने से भी बवासीर के रोगी को आराम मिलता है।
  • जामुन और आम की गुठली का भीतरी भाग निकाल कर धूप में अच्छी तरह सुखा लें। अब इसे बारीक पीसकर पाउडर बना लें। अब इस चूर्ण का रोजाना गर्म पानी के साथ सेवन करें। इसके नियमित सेवन से बवासीर ठीक हो जाती है।
  • बवासीर को ठीक करने के लिए शलजम का रस भी बहुत फायदेमंद होता है।
  • 50 ग्राम किशमिश को एक बर्तन में रात भर के लिए भिगो दें। सुबह जब आप उठें तो इन किशमिशों को उसी पानी में मसल लें और फिर पी लें। इसके लगातार सेवन से बवासीर में आराम मिलता है।
  • बवासीर में जलन को दूर करने के लिए पके केले और दही में उबले चावल मिलाकर खाएं। यह शरीर को ठंडक और पोषण भी प्रदान करता है।

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बवासीर का इलाज वीडियो में दिखाओ –

बवासीर की होम्योपैथिक दवा का नाम क्या  है?

अक्सर लोग मुझे बवासीर के लिए होम्योपैथिक दवा लिखने के लिए कहते हैं, देखिए, हमने बवासीर के लिए कुछ होम्योपैथिक दवा सूचीबद्ध की है, जो बहुत फायदेमंद साबित होगी।

आइए जानते हैं बवासीर की होम्योपैथिक दवा के नाम के बारे में।

  • सल्फर
  • हेमैमेलिस
  • ऐस्क्यूल्स हिप्पोकैस्टेनम
  • एलो सोकोट्रिना
  • नक्स वोमिका

पतंजलि बवासीर की दवा का नाम क्या है?

यहां हमने बाबा रामदेव के बताए अनुसार बवासीर की कुछ पतंजलि दवा दी है। जो आपके लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। तो आइए जानते हैं पतंजलि आयुर्वेद की बवासीर की दवा –

  • Patanjali Divya Arshkalp Vati
  • Isabgol husk

बवासीर के इलाज में बाबा रामदेव की दिव्य अर्शकल्प वटी का सेवन किया जा सकता है। यह जड़ी-बूटियों से बनी आयुर्वेदिक औषधि है, जो बवासीर को जड़ से खत्म करती है। यह दवा बाजार में आसानी से और कम कीमत में उपलब्ध है। दिव्य अर्शकल्प वटी की 2 गोलियां एलोवेरा के रस या पानी के साथ सुबह-शाम खाली पेट लें। अगर कोई जवान है तो उसे एक ही गोली लेनी चाहिए।

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निष्कर्ष

बवासीर शरीर के निचले हिस्से में गुर्दे के मलाशय की सूजन के कारण होता है। यह रोग बहुत आम है। यह रोग मलाशय की नसों पर तनाव के कारण होता है। इसका मुख्य कारण असंतुलित आहार, कब्ज, एक ही स्थान पर लंबे समय तक बैठे रहना, अधिक तला हुआ भोजन करना, अधिक समय तक गाड़ी चलाना, मोटापा, कम पानी पीना, रात को देर से सोना, शराब पीना आदि शामिल हैं।

अधिकांश बवासीर अपने आप दूर हो जाती है। लेकिन गंभीर मामलों में बवासीर का इलाज करना बहुत जरूरी हो जाता है। इसके लिए आप दिए गए घरेलू नुस्खों की मदद ले सकते हैं। इसके अलावा आप व्यायाम करें, खूब पानी पिएं और फाइबर युक्त खाना ज्यादा खाएं, यह बवासीर से छुटकारा दिलाने में मददगार होता है।

आशा करता हूँ कि आपको हमारा यह bawaseer ka ilaj kaise karte hain, लेख ज्ञानपूर्ण लगा होगा। 

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