बरगद के पेड़ के 8 अद्भुत फायदे और नुकसान – Banyan Tree in Hindi and Side Effects

banyan tree in hindi

Banyan Tree in Hindi:- हमे अक्सर सड़कों पर घूमते-फिरते कई पेड़ नजर आते है। जो हमे ऑक्सीजन के साथ-साथ छाया भी देते है। इन पेड़ों में सबसे पसंदीदा बरगद का पेड़ है।

baragad ke ped को हम अंग्रेजी भाषा में Banyan Tree भी कहते है। इस पेड़ में बड़े चमत्कारी गुण मौजूद है, जो हमे कई भौतिक गुणों के साथ-साथ मानवीय गुण भी देते है।

इस पेड़ का तना, छाल, पत्ते, और इसके फल और यहां तक कि इसका दूध भी बहुत उपयोगी चीजों में फायदेमंद होता हैं। बरगद का पेड़ मानव शरीर के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। इस वृक्ष के सभी तत्व विभिन्न रोगों में उपयोगी होते हैं। इसके सेवन से मानव शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। और बीमारियों से बचने में मदद मिलती है।

आज इस पोस्ट के माध्यम से आपको बताया जाएगा कि कैसे आप तना, छाल, इसकी पत्तियों और दूध का सेवन करके अपने विभिन्न रोगों को ठीक कर सकते हैं।

और इससे जुड़ी जानकारी भी जैसे- बरगद क्या है? बरगद के पेड़ के फायदे और नुकसान भी बताएंगे तो अंत तक हमारे लेख को पूरा पढ़ें।

चलिए सबसे पहले जान लेते है की बरगद का पेड़ क्या होता है? – bargad ka ped kya hota hai

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बरगद का पेड़ क्या है? – What is banyan tree in hindi

दोस्तों भारत में शायद ही कोई व्यक्ति होगा जो bargad ka ped को नहीं जानता हो, लगभग सभी व्यक्ति इस पेड़ से परिचित होंगे। हमारे भारत में इसे बरगद के पेड़, वट वृक्ष और बढ़ के नाम से भी जाना जाता है।

लोग अक्सर पूछते है कि banyan tree meaning in hindi क्या है? देखे हम पहले भी बता चुकें है की यह एक वट वृक्ष है जो कई मानवीय गुणों से भरपूर है। और यह वट वृक्ष कई औषधियों के रूप में भी प्रयोग किया जाता है।

यह पेड़ उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है। यह एक विशाल वृक्ष है जो भारत सहित अन्य देशों में भी पाया जाता है। लेकिन यह भारत के लगभग सभी क्षेत्रों में पाया जाता है।

इस पेड़ की गणना भारत के पूजनीय वृक्षों में की जाती है। यह एक महत्वपूर्ण वृक्ष है जो भारत के सबसे बड़े वृक्षों में से एक है।

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बरगद के पेड़ के फायदे – Benefits of Banyan Tree in Hindi

Benefits of Banyan Tree in Hindi

bargad ka ped के बहुत सारे फायदे है। इसके फायदे को देखकर ही हमने यह benefits of banyan tree in hindi का लेख लिखा है। 

बरगद का पेड़ पाचन शक्ति, भारी, पित्त, बलगम, सर्दी -जुखाम, मीठा, अल्सर, वीर्य विकार, मूत्र में जलन, योनि विकार,बुखार आदि को दूर करता है। साथ ही कई शारीरिक समस्याओं को भी दूर करता है।  कुछ ऐसे ही bargad ke fayde का ओर जिक्र किया है उन्हें पढ़ना भूले।

तो  चलिए जानते है बरगद के फायदे – bargad ke ped ke fayde in hindi

प्रतिरक्षा प्रणाली में करें सुधार बरगद का पेड़ – improve immune system banyan tree ke fayde

कई शोधकर्ताओं ने पाया है कि बरगद के पेड़ की पत्तियों में मौजूद विशेष तत्व जैसे क्लोरोफॉर्म, हेक्सेन, ब्यूटेनॉल और पानी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार होते हैं।

इसीलिए कहा जा सकता है कि यह पेड़ immunity system को सुधारता है और कई रोगो से छुटकारा दिलाता है।

मधुमेह को ठीक करने में सहायक है बरगद का पेड़ – Banyan tree is helpful in curing diabetes

बरगद के पेड़ में ब्लड शुगर लेवल को कम करने वाले तत्व पाए जाते हैं, जो डायबिटीज की समस्या से राहत दिलाने में मदद करते हैं। विशेषज्ञों द्वारा सलाह दी जाती है कि इसकी जड़ का अर्क पीने से मधुमेह के साथ-साथ कई अन्य बीमारियां भी ठीक हो जाती हैं।

योन शक्ति बढ़ाने में बरगद के पेड़ का प्रयोग – Use of banyan tree to increase sexual power

बरगद के पेड़ का प्रयोग योन शक्ति बढ़ाने के लिए भी किया जाता है। साथ ही यह कई बीमारियों में भी फायदेमंद होता है।

इसके बाद इस पानी को छानकर आधा किलो दूध में डाल दें। अब लगभग 10 ग्राम ईसबगोल की भूसी और उसमें 10 ग्राम शकर मिलाकर पी लें।

लगभग 50 ग्राम बरगद का ताजे कोमल और नरम पत्ते लें। इन्हें लेकर 250 मिलीलीटर पानी में तब तक पकाएं जब तक कि एक चौथाई पानी न रह जाए।

आलस दूर करने में फायदेमंद है बरगद के पेड़ का दूध – Banyan tree milk is beneficial in removing laziness

अगर आप बहुत आलसी हैं और किसी काम को करने से बहुत जल्दी थक जाते हैं या किसी काम को करने का मन नहीं करता है तो बरगद के तत्व आपके लिए आपके आलस्य को दूर कर देंगे।

हरे बरगद के सूखे पत्तों का चूर्ण बना लें। और फिर उस पाउडर को लगभग एक लीटर पानी में मिला लें। फिर इस पानी में थोड़ा सा नमक मिलाएं। अब आपको तैयार मिश्रण का सेवन सुबह और शाम करें।

यह बेहद असरदार उपाय आपको जरूरअपनाना चाहिए।

दांत और मसूड़ों के लिए फायदेमंद है बरगद का पेड़ – Banyan tree is beneficial for teeth and gums

बरगद के पेड़ में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट (एंटी-इंफ्लेमेटरी) और एंटी-माइक्रोबियल  गुणों के कारण यह दांतों की सड़न और मसूड़ों की सूजन की समस्या को कम करने में मददगार होता है।

इस वृक्ष के सभी भाग जैसे – जड़, तना, पत्तियां, फल और छाल औषधियों के रूप में उपयोग किए जाते है।

इसकी जड़ को चबाकर या पेस्ट के रूप में इस्तेमाल करके दांतों की कई समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है।

बरगद का पेड़ है फायदेमंद बवासीर के इलाज के लिए – Banyan tree is beneficial for the treatment of piles

देखिए, बहुत से लोग जानते हैं कि बरगद का पेड़ बवासीर जैसी समस्याओं से निजात दिलाने में भी मददगार होता है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि बरगद के पेड़ की पत्तियों से निकाले गए दूध में एल्ब्यूमिन, सेरीन, शुगर और मैलिक एसिड जैसे तत्व होते हैं, जो पाइल्स जैसी समस्या से निजात दिलाने में पूरी तरह से कारगर हैं।

इसलिए हम कह सकते हैं कि बरगद के पत्तों से निकलने वाला दूध हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

बरगद के पेड़ के घरेलू उपाय है नाईट फॉल रोकने के लिए – Bargad ke ped ke gharelu upay hai nightfall ko rokane ke liye 

जिन लोगों को शारीरिक कमजोरी होती है उन्हें इस नाइट फॉल का खतरा ज्यादा होता है। ऐसे लोगों का वीर्य जल्दी निकल जाता है और वीर्य भी पतला होता है। जिन लोगों को यह समस्या है वे बरगद के दूध का उपयोग कर सकते हैं और इस बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं।

वे लोग जो स्वप्नदोष की बीमारी से पीड़ित हैं, और उनका शरीर भी सुस्त,बेजान और मृत हो गया है। वे बताशे पर रोजाना 8-10 बूंद बरगद के दूध की बुँदे डालकर खा सकतें है।

रोजाना 5-6 बताशे  खाएं, यह प्रयोग लगातार 15 दिन से लेकर 60 दिन तक किया जा सकता है। अगर जल्द ही फायदा मिले तो प्रयोग बंद कर दें। हालांकि, इससे कोई खतरा नहीं है।

कमर दर्द में फायदेमंद है बनयान ट्री – Banyan tree is beneficial in back pain

यदि आपको उठते या बैठते समय या किसी वस्तु को उतारते समय पीठ में दर्द होता है। या फिर आपको किसी भी तरह की दिल की बीमारी है तो उसके लिए ये उपाय करें।

बरगद के पेड़ के कुछ कोमल लाल पत्ते लें। और उन्हें थोड़े से पानी के साथ उबाल लें। और फिर इसमें थोड़ी सी मिश्री मिला दें, इससे स्वाद और बढ़ जाएगा।

अब इस घोल में कुछ बूंदे बरगद के दूध की डालें और इसमें थोड़ी चीनी भी मिलाएं। अगर आपने मिश्री मिला ली है तो चीनी न डालें। अब आपको इसका सेवन सुबह और शाम भोजन से पहले करना है।

इससे आपके दिल से जुड़ी सभी परेशानियां खत्म हो जाएंगी। और अगर आप बरगद के दूध में अलसी का तेल मिलाकर अपने जोड़ों पर लगाएं या कमर पर मालिश करें तो इससे आपको काफी आराम मिलेगा।

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बरगद के पेड़ के दूध के फायदे – banyan tree milk benefits in hindi

Bargad के पेड़ के सभी तत्व विभिन्न रोगों में उपयोगी होते हैं। इस पेड़ के सभी भाग जैसे छाल, तना, फल और पत्तियां यहां तक कि दूध भी बहुत उपयोगी होता है। ये तत्व औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं और बहुत से रोगो को दूर करने में मदद करते है।

बरगद के दूध का प्रयोग करने से आपके शरीर की यौन दुर्बलता समाप्त हो जाती है और वीर्य विकार तथा निद्रा विकार में बहुत लाभ होता है।

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बरगद के दूध का प्रयोग कैसे करें? – How to use Banyan Milk

  • यौन शक्ति बढ़ाने के लिए 5-7 बताशे लें।

  • बताशे  पर 5 से 6 बूंद बरगद के दूध की डाल लें। और इसे खाएं।

  • इस तरह आप रोजाना 5 से 7 बटाशे खा सकते हैं।

  • बरगद के दूध और बताशे के इस प्रयोग से आपकी यौन शक्ति 4 गुना अधिक बढ़ जाती है।

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बरगद के पेड़ के नुकसान – Side Effects of Banyan Tree in Hindi

देखें, bargad ke ped ke nuksan का अभी तक कोई ठोस नुकसान नहीं पता चला है और न ही इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण है कि जिसे पता चल जाएँ की bargad ke nuksan है भी या नहीं।

लेकिन विशेषज्ञों द्वारा इसकी संतुलित मात्रा लेने की सलाह दी जाती है। हमने नीचे कुछ खास बातों का ध्यान रखने के लिए कहा है, बरगद के दूध का सेवन करने से पहले इन बातों का ध्यान रखें।

तो चलिए अब जानते है बरगद के पेड़ के दूध के नुकसान – bargad ke dudh ke side effects

  • अगर आप किसी भी तरह की दवा का नियमित रूप से सेवन कर रहे हैं तो एक बार डॉक्टर से जरूर सलहा लें, क्योंकि हम नहीं चाहते की आपको इसके साइड्स इफेक्ट्स देखने को मिलें। 

  • अगर आपको बरगद की जड़, छाल, पत्ते और दूध से कोई एलर्जी है, तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें और डॉक्टर से सलाह लें।

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बरगद के पेड़ के बारे में जानकारी – information about banyan tree in hindi

  • इस पेड़ को यहां बहुत पवित्र माना जाता है। विशेष रूप से बरगद के पेड़ की पूजा त्योहार या तीज पर की जाती है। बरगद का पेड़ बहुत बड़ा और विशाल होता है।

  • बरगद के पेड़ की मोटी शाखाएं होती हैंऔर इन्हीं शाखाओं से इसके जटाएं जमीन तक पहुंच जाती है। यह पेड़ बहुत मजबूत होता है। बरगद का वृक्ष जैसे-जैसे बूढ़ा होता जाता है, वैसे-वैसे उसका चारों ओर का दायरा बढ़ता रहता है।

  • ज्यादातर आप इस पेड़ को भारत में हर जगह खासकर मंदिरों, किलों या कुओं के आसपास देख सकते हैं।

  • इसके पत्ते सख्त और मोटे और अंडाकार होते हैं, इनका निचला हिस्सा थोड़ा खुरदरा और ऊपर का हिस्सा चिकना होता है। बरगद के पत्तों को तोड़ने पर दूध निकलता है।

  • बरगद का पेड़ सर्दियों में खिलता है और बरसात के महीनों में फल देता है। फरवरी और मार्च के महीनों में बरगद से पत्ते गिरने लगते हैं और बाद में नए पत्ते निकलते हैं।

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निष्कर्ष – Conclusion

बरगद का फल, तना और छाल, यहां तक कि दूध भी बहुत उपयोगी होता है। यह औषधीय गुणों से भरपूर है। तो एक बार इसका सेवन करके इसका लाभ उठाएं।

आशा करता हूँ की अब आप about banyan tree in hindi language जान गए होंगे। अगर आप इसके फायदों को सही से लाभ उठाना चाहते है तो एक बार हमारे लेख पर नजर डालें।

अगर आपको banyan tree information in hindi के लेख से संबंधित कोई सवाल या सुझाव है तो हमे कमेंट के जरिये जरूर बताएं।

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