शीघ्रपतन का रामबाण इलाज (How to Cure Premature Ejeculation)

दोस्तों आज हम पुरुषों से संबंधित एक गंभीर बीमारी की चर्चा कर रहे हैं। यह बीमारी बहुत ही गंभीर है। इस बीमारी का अगर समय पर इलाज ना किया गया। तो इसके बुरे परिणाम भुगदने पड़ सकते हैं। आज हम अपने आर्टिकल में आपको बताएंगे शीघ्रपतन से जुड़ी पूरी विस्तृत जानकारी । पुरुषों में एक सामान्य यौन विकार शीघ्रपतन जिसे शीघ्र स्खलन भी कहते है। यह शीघ्रपतन बिना ही बाहर निकल जाता है। आप इसे यूं कह सकते है कि व्यक्ति की इच्छा के बिना ही शीघ्रपतन हो जाता है । जब कोई भी व्यक्ति संभोग के लिए जाता है। तो संभोग करने से पहले उसका शीघ्रपतन हो जाता है । ऐसा ज्यादा संभोग करने से पहले होता है। जिससे संभोग करने की इच्छा खत्म हो जाती है।पुरुषो में शीघ्रपतन किसी भी वक्त हो सकता हैं।

क्या होता है शीघ्रपतन

शीघ्रपतन एक ऐसी बीमारी है। जब कोई व्यक्ति सेक्स के दौरान वेजिना में अपना लिंग डालता है। तो उससे पहले वीर्य बाहर निकल जाता है l या फिर यौन उत्तेजना के साथ हो सकता है। जबकि व्यक्ति खुद इतनी जल्दी शीघ्रपतन की इच्छा नहीं रखता। पुरुषों में शीघ्रपतन के कारण पार्टनर के साथ संबंध बनाते वक्त खुशी जाहिर नहीं होती। इससे दोनों पार्टनर अपनी सेक्सुअल लाइफ में असंतोष व्यक्त करते हैं। इसकी वजह से कई बार पुरुष को अपने पार्टनर के सामने शर्मीदगी झेलनी पड़ती है।

शीघ्रपतन होने का क्या कारण है

एक सर्वे के अनुसार अधिकांश मामलों में शीघ्रपतन का सही कारण नहीं पता लगा जा सका। समय के साथ साथ पुरुष अपने गुप्तांग से शीघ्रपतन स्थगित करना सीख जाते हैं । जबकि ने सेक्स करते समय फिर से शीघ्रपतन शुरू हो जाता है। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार शीघ्रपतन के मुख्य कारण मनोवैज्ञानिक तौर पर हैं। जैसे पहली बार सेक्स करना , सेक्स का अनुभव ना होना ,यौन शोषण, अपने शरीर को लेकर अपने ही मन में नकारात्मक छवि बनाना, डिप्रेशन होना , सेक्स करने से पहले बार-बार शीघ्रपतन की चिंता करना, स्वप्नदोष होना, आदि कारण हो सकते हैं। इतना ही नहीं जानकारों के मुताबिक शीघ्रपतन के बायलॉजिकल कारण भी मौजूद हैं। जैसे थायराइड ग्रंथि , हार्मोनल सेक्स ग्रंथि, मस्तिष्क में न्यूरो ट्रांसमीटर की समस्याएं, अनुवांशिक लक्षण, मूत्राशय नली में संक्रमण, मानसिक आघात , या फिर तंत्रिका तंत्र में चोट के कारण शीघ्रपतन हो सकता है।

शीघ्रपतन का इलाज कैसे किया जा सकता है

शीघ्रपतन का इलाज कई तरीकों से किया जा सकता है। जो निम्न है।

योग द्वारा : शीघ्रपतन का योग द्वारा इलाज किया जा सकता है ‌। कई शोध में बताया गया है। कि योग करने से यौन शक्ति बढ़ती है। शीघ्रपतन को रोकने के लिए हठयोग, सर्वांगासन, कीगल एक्सरसाइज, उत्तानपादासन , सूर्य नमस्कार ,गरुड़ासन , त्रिकोणासन ,भुजंगासन धनुरासन अन्य प्रकार के योग से शीघ्रपतन को रोका जा सकता हैं।

मेडिकल टेक्निक : शीघ्रपतन को रोकने के लिए कुछ मेडिकल टेक्निक बताई गई हैं। जैसे सेक्स से एक-दो घंटे पहले मास्टरबेशन करें, सेंसेशन कम करने के लिए कंडोम का उपयोग करें, पार्टनर के साथ सेक्स के दौरान टॉप पर रहें, सेक्स के दौरान बीच-बीच में आराम करें और अपना ध्यान रखा है, कपल थेरेपी भी शीघ्रपतन रोकने के लिए अधिकार है।

आयुर्वेद द्वारा : शीघ्रपतन का इलाज आयुर्वेद द्वारा भी किया जा सकता है । इसके लिए शतावरी ,गोक्षुर, केसर ,मकरध्वज, मुलेठी आदि के सेवन से शीघ्रपतन का इलाज संभव है ।

होम्योपैथिक द्वारा: शीघ्रपतन का इलाज होम्योपैथिक द्वारा बहुत ही सुरक्षित है। इसके उपचार में होम्योपैथिक दवाई जैसे । एग्नस कास्टस , यूस्टिलागो, ग्रेफाइड, काली ब्रॉमसिटो, आदि के सेवन से कम किया जा सकता है।

अंग्रेजी दवाओं द्वारा : शीघ्रपतन इलाज के लिए पुरुष ज्यादातर अंग्रेजी दवाइयों का सहारा ही लेते हैं। क्योंकि यह आसानी से मिल जाती हैं।अंग्रेजी दवाएं ज्यादातर व्यक्ति डॉक्टर की परामर्श के द्वारा ही लेता है। यह बात सच है कि अंग्रेजी दवाओं के साइड इफेक्ट जरूर होते हैं। लेकिन शीघ्रपतन के इलाज के लिए यह कारगर साबित होती है। इसकी प्रमुख दवाएं इस प्रकार हैं । ट्रामाडोल, डयपॉक्सटिन, लीडोकेन ,प्रिलोकेन क्रीम , क्लोमीप्रामाइन ट्रीसईक्लीक एंटी-डीपरेसेन्ट, आदि दवाओं से इलाज संभव है।

शीघ्रपतन पर क्या खाना चाहिए क्या नहीं

जिन व्यक्तियों को शीघ्रपतन की शिकायत है। ऐसे पीड़ित व्यक्तियों को हम बताएंगे। की खाने में क्या लेना चाहिए क्या नहीं। क्योंकी कभी कभी उन्हे यह जानकारी नहीं होती की इस समस्या पर क्या खाना चाहिए और बिना सोचे समझे कुछ भी खाने लगते हैं। जिससे उनकी बीमारी दिन-पे-दिन और बढ़ती जाती है। एक समय ऐसा आता है। जब वह पूरी तरह इस गंभीर बीमारी से ग्रसित हो जाते हैं। और फिर यही बीमारी उनके लिए लाइलाज बीमारी हो जाती है।

क्या खाएं : आहार संशोधन से शीघ्रपतन के नियंत्रण और प्रतिबंध में मदद मिलती है। शीघ्रपतन से पीड़ित मरीजों के लिए खान-पान में विशेष ध्यान देना चाहिए। ऐसे मरीजों को खाने में जिंक मैग्निशियम खनिज से जुड़ी चीजें खानी चाहिए। इसके बाद हरे पत्तेदार सब्जियां फाइबर युक्त सब्जियां सूखे मेवे फल, बींस राजमा छोले, मटर कद्दू साबूदाना आदि चीजें खानी चाहिए।

क्या नहीं खानी चाहिए : शीघ्रपतन में उच्च चीनी आहार , स्टार्ट सामग्री से भरपूर आहार, शराब सिगरेट अन्य धूम्रपान जंक फूड कार्बोनेट पेय पदार्थ आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।

शीघ्रपतन कितने समय तक रहता है

पुरुषों में शीघ्रपतन की शिकायत दिन पे दिन बढ़ती जा रही है। शीघ्रपतन पुरुषों में कभी भी हो सकता है। इसके लिए कोई निश्चित समय सीमा नहीं है। शीघ्रपतन कभी-कभी 2 मिनट तक रह सकता है। तो कभी इससे ज्यादा या इससे कम भी हो सकता है। शीघ्रपतन दिन में सुबह रात में सोते समय कभी भी हो सकता। असर देखा गया है कि बार-बार शीघ्रपतन होने से यौन इच्छा मर जाती है। इसके साथ ही साथी पार्टनर नाखुश रहता है। और शर्मिंदगी भी झेलनी पड़ती है।

शीघ्रपतन का परीक्षण कैसे करें

पुरुषों में शीघ्रपतन एक गंभीर बीमारी है। ऐसे पुरुषों को इस बीमारी में लापरवाही बिल्कुल भी नहीं बरतनी चाहिए। ऐसे व्यक्तियों को बिना किसी शर्मिंदगी के साथ डॉक्टर को दिखाना चाहिए। डॉक्टर के पास जाकर शीघ्रपतन की पूरी जानकारी देनी चाहिए। डॉक्टर द्वारा पूछे जाने पर शीघ्रपतन कब हो रहा है कैसे हो रहा है कितनी कितनी देर में हो रहा है। पूरी जानकारी डॉक्टर को देनी चाहिए। शीघ्रपतन के साथ अगर आपके लिंग में इलेक्शन नहीं हो रहा है। तो आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

शीघ्रपतन होने से जीवन में क्या प्रभाव होता है

शीघ्रपतन होने से जीवन में कई तरह के बदलाव आते हैं। इसके बुरे परिणाम देखने को मिलते हैं। किसी पुरुष के जीवन में शीघ्रपतन अगर तेजी से हो रहा है। तो इसका प्रभाव बहुत आसानी से नहीं जाते हैं । शीघ्रपतन की जटिल समस्या के कारण आपसी रिश्तो में मतभेद, यौन इच्छा पूरी ना होना, चिड़चिड़ापन , लोगों से बात ना करना बात-बात पर गुस्सा करना, क्रोध आना , शरीर कमजोर होना, चलने में कठिनाई होना ,लिंग सिकुड़ जाना जैसी जटिल समस्याएं होती हैं। इसके साथ ही शीघ्रपतन होने से सेक्स की इच्छा शून्य के बराबर हो जाती है। पिता बनने का शौक नहीं मिल पाता है।

शीघ्रपतन किस उम्र के लोगों को ज्यादा होता है

यह बात स्पष्ट रूप से कही दर्ज नही है। कि शीघ्रपतन एक खास उम्र और विशेष प्रकार के लोगों को ही होता है। जानकारों के मुताबिक शीघ्रपतन हर उम्र के लोगों में हो सकता है। शीघ्रपतन से पीड़ित व्यक्ति कम से कम 15 साल से शुरू होकर 55 वर्षों तक को शीघ्रपतन होता है। शीघ्रपतन ज्यादातर युवावस्था में देखा गया है। शीघ्रपतन का मुख्य कारण लगातार हस्तमैथुन करना, यौन इच्छा के बारे में बार-बार सोचना , लिंग को सहलाना, सेक्सी फिल्म देखना इस प्रकार के व्यक्तियों को शीघ्रपतन की शिकायत जल्दी होती है।

शीघ्रपतन को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है

जब कोई व्यक्ति सेक्स के दौरान अपनी अपने पार्टनर की रजामंदी से पहले ऑर्गेज्म तक पहुंच जाता है। तब उसे शीघ्रपतन शुरू होने लगता है। ऐसी स्थिति में पुरुष अपनी कामुकता उत्तेजना और जोश सब खो देता है। पुरुष पार्टनर के साथ सेक्स करने से पहले ही उसे न्यूड देखकर खुद को नियंत्रित नहीं कर पाता और लिंग इरेक्शन पर पहुंच भी नहीं पाता उससे पहले ही मिनट दर मिनट शीघ्र पतन शुरू हो जाता है। इस अवस्था में पुरुष को शीघ्रपतन रोकने में कम से कम 5 से 10 मिनट का समय जरूर लगता है। शीघ्रपतन शुरू होते ही अपनी यौन इच्छा को मार देता है।

शीघ्रपतन को इस तरह करें नियंत्रित

अपने पेनिस को अपने पार्टनर के वेजिना में अंदर किए बिना ही उत्तेजित करें। जब देखे कि आप शीघ्रपतन के नजदीक पहुंच रहे हैं। तो पेनिस बाहर निकाल ले। अपने पार्टनर से अपने पेनिस को उस जगह दबाने के लिए कहीं जहां सॉफ्ट हेड होता है। ऐसा तब तक करने को कहें जब तक शीघ्रपतन की इच्छा में कमी ना जाए। 30 सेकंड करने के बाद फोरप्ले में वापस चले जाएं। और बीच-बीच में जरूरत के हिसाब से रिपीट करें। शीघ्रपतन से पीड़ित व्यक्ति अगर सेक्स करने की इच्छा रख रहा है। तो सेक्स करने से पहले एक 2 घंटे पहले मास्टरबेशन करें। जिससे सेक्स के दौरान शीघ्रपतन ना है। शीघ्रपतन से पहले सेक्सी वीडियो देखने की कोशिश करें । सेक्स के दौरान पार्टनर के साथ मोटे कंडोम का इस्तेमाल करें। इससे शीघ्रपतन हो भी जाएगा तो कंडोम के अंदर ही रहेगा। और वह फटेगा नहीं। इस प्रकार सेक्स के दौरान शीघ्रपतन पर नियंत्रण किया जा सकता है।

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